फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   farmers will tell the truth of farm laws and BJP by non political way

किसान आंदोलन: 'अराजनीतिक' रह कर सरकार को जवाब देगा अन्नदाता, घर-घर जाकर बताएंगे लोगों को भाजपा की असलियत

Sat, 10 Jul 2021 03:00 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 10 Jul 2021 03:00 PM IST
सार

संयुक्त किसान मोर्चे के वरिष्ठ पदाधिकारी अविक साहा ने कहा, अगर संगठन के किसी पदाधिकारी की तरफ से कोई अलग बयान आता है, तो उससे विचलित न हों। कोई किसान नेता चुनाव लड़ने की बात कह देता है। यह एक संगठन का विचार है। किसान संगठनों से मिलकर 'संयुक्त किसान मोर्चा' बना है। सभी अंतिम निर्णय मोर्चे द्वारा ही लिए जाते हैं...

विज्ञापन
farmers will tell the truth of farm laws and BJP by non political way
विरोध करते किसान - फोटो : Agency

विस्तार

तीनों कृषि कानूनों को लेकर 'केंद्र सरकार और किसान' आमने-सामने हैं। दोनों पक्ष, बातचीत के लिए भी तैयार हैं, मगर 'शर्त' बीच में आ जाती है। सरकार की शर्त है कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग छोड़कर, किसान कोई और बात करें। उधर, किसानों ने भी कह दिया कि जब तक सरकार इन कानूनों को रद्द करने के लिए तैयार नहीं होती, अन्नदाता पीछे नहीं हटेगा। संयुक्त किसान मोर्चे के वरिष्ठ पदाधिकारी अविक साहा कहते हैं, भाजपा और इसके प्रधानमंत्री को यह नहीं समझ आ रहा है कि 'जनता' के लिए नेता होता है या 'नेता' के लिए जनता। किसान 'अराजनीतिक' रह कर सरकार को इसका जवाब देंगे। बतौर साहा, पिछले आठ माह से देख रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी देश के साठ फीसदी वोटरों को अपने व्यक्तित्व से हराने का प्रयास कर रहे हैं। वे सोचते हैं कि नेता के लिए जनता होती है।

विज्ञापन

संयुक्त किसान मोर्चे के वरिष्ठ पदाधिकारी अविक साहा ने शनिवार सुबह 'किसान आंदोलन' की रणनीति पर अमर उजाला डॉट कॉम के साथ विस्तृत बातचीत की है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार और भाजपा, आंदोलन को शुरू होने के पहले ही दिन से इसे तोड़ने का प्रयास कर रही है। किसानों को बदनाम करने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दिया। आंदोलन में शामिल किसान संगठनों में फूट डालने का प्रयास किया गया। एक सवाल के जवाब में साहा ने कहा, अगर संगठन के किसी पदाधिकारी की तरफ से कोई अलग बयान आता है, तो उससे विचलित न हों। कोई किसान नेता चुनाव लड़ने की बात कह देता है। यह एक संगठन का विचार है। किसान संगठनों से मिलकर 'संयुक्त किसान मोर्चा' बना है। सभी अंतिम निर्णय मोर्चे द्वारा ही लिए जाते हैं। टीकरी बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर, शाहजहांपुर बॉर्डर और यूपी बॉर्डर पर चल रहा किसानों का आंदोलन 'संयुक्त किसान मोर्चे' के नेतृत्व में चल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

किसान आंदोलन अभी तक अराजनीतिक रहा है, आगे भी रहेगा। मोर्चे ने जिस तरह से पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में अपनी जिम्मेदारी निभाई थी, अब वैसे ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में निभाएगा। इन दोनों राज्यों में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव हैं। किसान मोर्चे के पदाधिकारी घर-घर जाकर लोगों को भाजपा की असलियत बताएंगे। पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए भी रणनीति तैयार हो रही है। अन्नदाता, चुनावी राज्यों में जाकर किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करेंगे। लोगों को केवल यह बताया जाएगा कि 'कौन' किसान विरोधी है। किसान संगठनों की दर्जनों टीमें बनाई जा रही हैं। अविक साहा कहते हैं, आज प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा यह समझ रही है कि वे किसान आंदोलन को पराजित कर देंगे तो यह उनकी गलतफहमी है।

विज्ञापन

किसान आंदोलन, भाजपा के अलावा देश के उन करोड़ों लोगों के लिए भी एक परीक्षा है, जो शरीर को जला देने वाली गर्मी, कड़ाके की ठंड और बरसात में अन्न उगाते हैं। देश की आबादी में साठ फीसदी वोटर किसान हैं। इसके बावजूद प्रधानमंत्री को यह लगता है कि वे अपने व्यक्तित्व से साठ फीसदी वोटरों के बड़े समूह को हरा सकते हैं। चलो, इस लड़ाई में यह भी मालूम हो जाएगा कि लोकतंत्र में जनता के लिए नेता होते हैं या नेता के लिए जनता होती है। किसानों के लिए ये एक राजनीतिक परीक्षा है, जिसे वे अराजनीतिक रहते हुए पास करेंगे। भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी को यह बता दिया जाएगा कि उन्होंने लोकतंत्र की गलत या स्वयं रचित थ्योरी पकड़ ली है। लोकतंत्र में सदैव 'जनता के लिए नेता' होता है। यूपी, पंजाब और उत्तराखंड के बाद जहां कहीं भी चुनाव होंगे, वहां किसान पहुंचेंगे। बरसात शुरू हो रही है, अब दिल्ली बॉर्डर पर भी बड़ी तादाद में किसान आना शुरू हो जाएंगे। हां, सरकार अगर अपनी जिद्द छोड़कर बात करती है तो किसान प्रतिनिधि बातचीत में शामिल होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed