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किसान नेता रामपाल जाट  बोले, हमारे तरकश में कई तीर, आंदोलन को उग्र बनाने की साजिश न रचे सरकार

Sun, 13 Dec 2020 12:58 PM IST
अनवर अंसारी जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Sun, 13 Dec 2020 12:58 PM IST
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Farmers Protest: National President of Kisan Mahapanchayat Rampal Jat government should not create an atmosphere of enmity
किसान आंदोलन - फोटो : एएनआई

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली की सीमाओं पर कड़ाके की ठंड में भी डटे हुए हैं। इस बीच किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट का कहना है कि किसान बहुत ही शांत तरीके से अपना आंदोलन कर रहे हैं। अहिंसा और सत्य के साथ आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं। किसानों के तरकश में बहुत तीर हैं। इसके साथ  ही उन्होंने सरकार को चेताया कि वह शांत आंदोलन को उग्र बनाने की साजिश न रचे और शत्रुता का माहौल पैदा न करे। 

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किसान नेता ने सरकार से आग्रह किया कि अगर हमारे आंदोलन में सरकार को कहीं अशांति, अराजकता या हिंसा जैसा कुछ नजर आता है तो तुरंत हमें बताएं। किसान ऐसे तत्वों को खुद पुलिस के हवाले कर देंगे। किसानों ने उन सभी जगहों पर जहां वे प्रदर्शन कर रहे हैं, असामाजिक तत्वों पर निगाह रखने के लिए वरिष्ठ सदस्यों की ड्यूटी लगाई है। 
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रामपाल जाट ने खास बातचीत में कहा, 'हमारे पास ऐसी खबरें आ रही हैं कि प्रदर्शन स्थल पर विवादित लोगों के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। हमें यह भी मालूम हुआ है कि खुफिया महकमे ने केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट दी है। इसमें किसानों के बीच में उपद्रवी तत्वों के घुसने की बात सामने आई है। किसानों का यह आंदोलन अभी तक शांतिपूर्वक तरीके से आगे बढ़ रहा है। किसी भी जगह से कोई अप्रिय घटना होने की खबर नहीं है।'
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सरकार हमारी बात सुनने को तैयार नहीं
किसान नेता ने कहा कि यह आंदोलन लंबा चलेगा। सरकार को किसानों की बात माननी पड़ेगी। हम टेबल पर तर्क पेश कर रहे हैं। उन्हें सरकार सुनने को तैयार नहीं। सरकार की रणनीति कुछ अलग है। बकौल रामपाल जैसे युद्ध में सभी संसाधन एक साथ नहीं झोंके जाते। केंद्र सरकार किसान आंदोलन को मांगें मानकर उसे खत्म कराने की बजाए उनकी कमजोरी तलाश कर रही है।


जाट ने आरोप लगाया कि सरकार ने शत्रुता का रास्ता अख़्तियार किया है। किसानों के बीच भटकाव और गुमराह की स्थिति पैदा करने का प्रयास हो रहा है। जबकि हमने पहले भी कहा है कि सरकार के सम्मान को ठेस पहुंचाना हमारा मकसद नहीं है। यदि सरकार ने अड़ियल रवैया नहीं छोड़ा तो किसान तरकश से नए बाण निकालेंगे और चलाएंगे। 

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