मुंबई : राजभवन की ओर बढ़े किसानों को रोका, केंद्रीय मंत्री आठवले ने साधा निशाना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई में राजभवन की ओर बढ़ रहे किसानों को पुलिस ने रोक दिया है। ये किसान केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। राजभवन की ओर बढ़ने से पहले पूरे महाराष्ट्र से मुंबई पहुंचे हजारों किसान आजाद मैदान पर एकत्र हुए। दिनभर आंदोलन के बाद किसान राज्यपाल भगत सिंह कोश्यिारी को ज्ञापन देने के लिए राजभवन की ओर बढ़े। इस दौरान उन्हें पुलिस ने रास्ते में रोक दिया।
मुंबई में पुलिस ने किसान रैली स्थल पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए और प्रदर्शनकारियों को दक्षिणी मुंबई में यहां से राजभवन तक मार्च करने की इजाजत नहीं दी। ऐसे में राजभवन की ओर कूच कर रहे किसानों को पुलिस ने रोक दिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
बता दें कि महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से हजारों किसान केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए दक्षिणी मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित एक रैली में हिस्सा लेने आए हैं। ऑल इंडिया किसान सभा की महाराष्ट्र इकाई ने रविवार को कहा था कि प्रदर्शनकारी बाद में राजभवन तक मार्च करेंगे और विभिन्न मांगों को लेकर राज्यपाल बी एस कोश्यारी को ज्ञापन सौंपेंगे।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) विश्वास नांगड़े पाटिल ने कहा कि बंबई उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार दक्षिणी मुंबई में किसी मार्च की अनुमति नहीं है और हम किसानों के प्रतिनिधियों को अदालत के आदेश का पालन करने के लिए कह रहे हैं।
अधिकारी ने कहा कि वे हमसे राजभवन तक मार्च करने देने की अपील कर रहे हैं, लेकिन हमने उन्हें उच्च न्यायालय का आदेश दिखाया है। अगर वे राजभवन की तरफ जाने के लिए आजाद मैदान से बाहर निकलते हैं तो हम उन्हें रोकने की कोशिश करेंगे और सिर्फ प्रतिनिधिमंडल को ही राजभवन जाने के अनुमति देंगे।
उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोग काम के लिए दक्षिणी मुंबई आते हैं और ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था के विस्तृत बंदोबस्त किए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि हम नहीं चाहते हैं कि लोग मोर्चा की वजह से यातायात जाम का सामना करें। दक्षिणी मुंबई में वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से होगी।
Maharashtra: Agitators protesting the new farm laws moving towards the Raj Bhavan (Governor's House) in Mumbai, stopped by the police https://t.co/g3MSa1tgbE pic.twitter.com/6AW3xWAYF8
— ANI (@ANI) January 25, 2021
आठवले बोले- लोकप्रियता के लिए निकाली रैली
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरुद्ध दिल्ली के पास हो रहे आंदोलन के समर्थन में मुंबई में किसानों को जुलूस निकालने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल 'लोकप्रियता' हासिल करने के लिए किया जा रहा है।
आठवले ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के पक्ष में है और उन्हें न्याय दिलाना चाहती है। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने आठवले पर किसानों का अपमान करने का आरोप लगाया और अपने बयान के लिए माफी मांगने को कहा।
पूरे महाराष्ट्र से हजारों की संख्या में किसान, केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए सोमवार को मुंबई में एकत्रित हुए। आठवले ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में तीनों कृषि कानूनों को लागू करने पर रोक लगा दी है और केंद्र ने भी दो साल के लिए कानूनों पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया था।
उन्होंने एक चैनल से कहा कि इस जुलूस की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने कानूनों को लागू करने पर रोक लगा दी है। आठवले ने कहा कि सरकार ने दो साल के लिए कानून लागू न करने का प्रस्ताव दिया था। इसलिए यह आंदोलन केवल लोकप्रियता हासिल करने के लिए किया जा रहा है।
रांकपा ने कहा- आठवले कर रहे किसानों का अपमान
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के पक्ष में है और उन्हें न्याय दिलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि किसानों को सुनना चाहिए… उन्हें आंदोलन बंद कर देना चाहिए। इस बीच महाराष्ट्र राकांपा के मुख्य प्रवक्ता महेश तपासे ने कहा कि आठवले ने आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन को लोकप्रियता हासिल करने का हथकंडा बता कर देश के किसानों का अपमान किया है।
तपासे ने एक वीडियो संदेश में कहा कि आठवले एक मंत्री हैं। उन्होंने किसानों की भावनाओं को आहत किया है। उन्हें तत्काल देश और विशेषकर महाराष्ट्र के किसानों से माफी मांगनी चाहिए।