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दुर्दशा: 1123 किलो प्याज बेचने वाले किसान के हाथ में आए सिर्फ 13 रुपये, जानिए पूरा मामला 

Fri, 03 Dec 2021 08:42 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलापुर Published by: Amit Mandal Updated Fri, 03 Dec 2021 08:42 PM IST
सार

स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के नेता और पूर्व लोकसभा सांसद राजू शेट्टी ने प्याज के दामों को लेकर एक रसीद ट्वीट की है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'कोई महज 13 रुपये से क्या करे? शेट्टी की ये पंक्ति बताती है कि मेहनतकश किसानों को कभी-कभी उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है।

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Farmers gets only 13 rupees after selling his 1123 kg onion crop in solapur market
प्याज की बिक्री में नुकसान - फोटो : iStock

विस्तार

आपको भले ही प्याज अभी महंगा मिल रहा हो, लेकिन किसानों को इसकी कितनी कम कीमत मिल रही है, इसका अंदाजा महाराष्ट्र के सोलापुर में सामने आए एक मामले से लगाया जा सकता है। आप शायद यकीन नहीं करेंगे कि सोलापुर में 1,123 किलो प्याज बेचने वाले किसान के हाथ में सिर्फ 13 रुपये आए। कमीशन एजेंट का कहना है कि खराब फसल की वजह से किसान को इतनी कम कीमत दी गई। 

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सोलापुर स्थित कमीशन एजेंट की ओर से दी गई बिक्री रसीद के मुताबिक, किसान बप्पू कावड़े ने 1,123 किलो प्याज बेची जिसके बदले उन्हें सिर्फ 1665.50 रुपये मिले। मजदूरों की मजदूरी, तौल शुल्क और परिवहन पर 1651.98 रुपये खर्च हो गए। इस तरह किसान को सिर्फ 13 रुपये का मुनाफा हुआ। कावड़े के खर्च में प्याज उत्पादन की लागत भी है। 
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राजू शेट्टी ने उठाया मामला 
स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के नेता और पूर्व लोकसभा सांसद राजू शेट्टी ने किसान बप्पू कावड़े को दी गई इस रसीद को ट्वीट करते हुए लिखा, 'कोई महज 13 रुपये से क्या करे? इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। किसान ने प्याज के 24 बैग खेत से कमीशन एजेंट की दुकान में ले जाकर बेचे और इससे महज 13 रुपये की आमदनी हुई। वह कैसे उत्पादन लागत चुकाएगा, जिसमें फसल के लिए मिट्टी तैयार करना, बीज खरीद, खाद और सिंचाई खर्च शामिल है। किसान कावड़े ने 1512 रुपये परिवहन शुल्क के लिए जरूर कमा लिए, वरना यह भी उसे अपनी जेब से देना पड़ता। 
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किसान कावड़े से प्याज खरीदने वाले कमीशन एजेंट रुद्रेश पाटिल ने कहा कि फसल की गुणवत्ता बहुत खराब थी, इसलिए मैंने कम कीमत पर प्याज खरीदी। प्याज गीली थी और पिछले कुछ दिनों में बेमौसम बारिश की वजह से खराब हो गई थी। इसी वजह से इतनी कम कीमत मिली।  

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