बेटी की शादी के लिए नए नोट न जुटा पाने पर किसान ने दी जान
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नोटबंदी के चलते बेटी की शादी के लिए नए नोट न जुटा पाने से हताश एक किसान ने फंदे पर लटककर अपनी जीवन-लीला समाप्त कर ली। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मुरादपुर निवासी देशराज (50) पुत्र यादराम किसान था। देशराज ने करीब दो माह पहले अपनी बेटी की शादी तय की थी। शादी चार दिसंबर को होनी थी। रविवार शाम देशराज ट्यूबवेल पर जाने की बात कहकर घर से निकला था।
देर रात तक जब नहीं लौटा तो परिजन उसे देखने के लिए गए। वहां जाकर देखा तो ट्यूबवेल के निकट पेड़ पर देशराज का शव लटका हुआ था। परिजनों ने शव को उतारा और पुलिस को सूचना दिए बिना ही सोमवार दोपहर अंतिम संस्कार कर दिया।
देशराज के पिता यादराम ने बताया कि बेटी की शादी के दिन नजदीक आ रहे थे। देशराज शादी के लिए रुपये एकत्र न कर पाने से परेशान था। ऊपर से हाल ही में 500 और एक हजार के नोट बंद होने से देशराज सदमे में आ गया था। उसने जो रुपया वर्षों से मेहनत कमाया था वह 500 और एक हजार के नोट में था। वह नोट बदल न पाने के चलते खरीददारी नहीं कर पा रहा था।
ग्राम प्रधान नेमपाल सिंह ने बताया कि बेटी की शादी के लिए रुपयों की व्यवस्था और नोटबंदी के चलते परेशान चल रहे देशराज ने अपनी जान दे दी। देशराज की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। एसओ अहमदगढ़ महावीर सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी नहीं है। यदि तहरीर मिलती है तो जांच की जाएगी।