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बेटे का शव पाने के लिए पांच महीने भटकता रहा परिवार

Sun, 18 Sep 2016 04:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुंडा (प्रतापगढ़)
ब्यूरो/अमर उजाला, कुंडा (प्रतापगढ़) Updated Sun, 18 Sep 2016 04:42 AM IST
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Family wandered for five months to get the son's body
- फोटो : amarujala

बेटे का शव पाने के लिए एक परिवार पांच महीने तक भटकता रहा। जिले के अफसरों के साथ ही कैबिनेट मंत्री तक गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। थक हारकर परिवार अपना दर्द लेकर विदेश मंत्रालय में पहुंचा। इसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दखल के बाद दुबई से बेटे का शव शनिवार को उसके घर लाया जा सका। शव पहुंचने पर परिजनों में चीखपुकार मच गई।

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 मामला प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के लाटतारा गांव में रहने वाले सुखराम मौर्या के परिवार का है। शव मिलने के बाद जिगर के टुकड़े के अंतिम दर्शन की इच्छा तो पूरी हो गई लेकिन घरवालों को इस बात का भी मलाल है कि इस असहनीय ‘दर्द’ को पाने के लिए भी उन्हें महीनों इंतजार करना पड़ा। सुखराम का बेटा पंकज मौर्या एक कंपनी के माध्यम से नौकरी करने के लिए दुबई गया था।
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परिवारवालों के मुताबिक वहां से फोन पर पंकज ने बताया कि नौकरी के नाम पर उससे धोखा हुआ। वहां उससे भेड़ चरवाने का काम लिया जा रहा। यहां तक कि खाना भी नहीं दिया जाता था। कुछ दिनों बाद उसका फोन आना भी बंद हो गया।

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शव भेजवाने के लिए मांगे दो लाख रुपये

Family wandered for five months to get the son's body

इसके बाद कंपनी की तरफ से फोन कर जानकारी दी गई कि नौ अप्रैल को पंकज की मौत हो गई है। घरवालों के मुताबिक उन्हें 11 अप्रैल को ये जानकारी दी गई। इसके बाद बेटे का शव पाने के लिए प्रतापगढ़ जिला प्रशासन से लेकर कैबिनेट मंत्री तक गुहार लगाकर परिवार थक गया, तक जाकर विदेश मंत्रालय की शरण में पहुंचा जहां से उसे राहत मिली।

घरवालों का आरोप है कि बेटे के शव को घर पहुंचाने के लिए उनसे दो लाख रुपये मांगे गए। किसी तरह से रुपये इकट्ठा कर कंपनी के एकाउंट में भेजे गए। इसके बाद कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी और फोन भी उठाना बंद कर दिया। विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद शनिवार को पंकज का शव घर आया। 

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