करुणानिधि की मौत के बाद परिवार में झगड़ा शुरू, पार्टी पर कब्जा को लेकर बेटों में छिड़ी जंग
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एम. करुणानिधि की मौत को अभी ज्यादा दिन भी नहीं बीते हैं कि परिवार में करुणानिधि की विरासत को लेकर झगड़ा शुरू हो गया है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) से निष्कासित करुणानिधि के बड़े बेटे एमके आलागिरी ने उनकी विरासत पर अपना दावा ठोका है। उन्होंने कहा कि कि उनके सभी रिश्तेदार, पिता के समर्थक और सभी सहयोगी उनके साथ हैं। अलागिरी का यह बयान डीएमके कार्यकारी समिति की बैठक से ठीक पहले आया है।
इस दौरान जब उनसे भविष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भविष्य की राजनीतिक योजना पर आने वाला वक्त बताएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि वह अभी पार्टी के सदस्य नहीं हैं और वह इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते हैं। बता दें कि डीएमके की राजनीतिक विरासत को लेकर दोनों भाइयों में काफी समय से विवाद चल रहा है।
My father's true relatives are all are on my side. All the supporters in Tamil Nadu are on my side & are encouraging me only. Only time will give the answers...that is all I am willing to say now: MK Alagiri, late DMK Chief M #Karunanidhi's son, in Chennai #TamilNadu pic.twitter.com/3dAWMV0a6V
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 13, 2018
बता दें कि 2014 में करुणानिधि ने अपने बड़े बेटे एमके अलागिरी को पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने के आरोप में निकाल दिया था। जिसके बाद 2016 में उन्होंने अपने छोटे बेटे एमके स्टालिन को अपना सियासी वारिस घोषित कर दिया था। लेकिन अब एमके अलागिरी करुणानिधि की विरासत पर अपना दावा ठोक रहे हैं।