भूकंप से जुड़े तथ्य: रिक्टर स्केल पर रोजाना दर्ज होते हैं करीब नौ हजार झटके

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 20 Dec 2019 06:12 PM IST
विज्ञापन
Earthquake
Earthquake - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर Free में
कहीं भी, कभी भी।

70 वर्षों से करोड़ों पाठकों की पसंद

ख़बर सुनें
अफगानिस्तान समेत उत्तर भारत के कई शहरों में शुक्रवार शाम पांच बजकर नौ मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। दिल्ली-एनसीआर के साथ ही पंजाब, हरियाणा, कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भूकंप हल्के झटके महसूस किए गए हैं।
विज्ञापन


भूकंप से जुड़ा एक आकंड़ा आपको बता रहे हैं, पढ़कर आपको भले ही यह अजीब लगे लेकिन यही सच है। रेक्टर स्केल पर दुनिया भर में रोजाना करीब 9,000 भूकंप दर्ज किए जाते हैं। भूकंप की तीव्रता और उनकी बारंबारता पर पढ़िए यह रिपोर्ट:-

भूकंप आते हैं, लेकिन महसूस नहीं होते

माइक्रो और माइनर कैटेगरी के भूकंप रिक्टर स्केल पर प्रतिदिन दुनियाभर में 9,000 दर्ज किए जाते हैं। रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते।
रेक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते।

इन झटकों से शायद ही पहुंचता है नुकसान

हर साल रेक्टर स्केल पर वेरी लाइट और लाइट कैटेगरी के 55,200 भूकंप रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।

लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।

160 किमी तक मचा देते हैं तबाही

मॉडरेट और स्ट्रांग कैटेगरी के 920 भूकंप एक साल में रिक्टर स्केल पर दर्ज होते हैं। मॉडरेट कैटेगरी के भूकंपों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 से 5.9 दर्ज की जाती है। ऐसे 800 भूकंप दुनियाभर में रिक्टर स्केल पर एक साल में दर्ज किए जाते हैं। इनसे घटिया बिल्डिंग मैटेरियल से बने भवनों को गंभीर नुकसान पहुंचता है।

हालांकि, इनका असर बहुत छोटे इलाके पर ही पड़ता है। स्ट्रांग कैटेगरी के भूकंप जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 से 6.9 होती है, भारी तबाही मचाती है। जबरदस्त तीव्रता की वजह से भूकंप के केंद्र से लेकर 160 किलोमीटर तक आबादी वाले इलाकों में तबाही फैल जाती है। एक साल ऐसे 120 भूकंप दुनियाभर के रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं।

कुछ 19 बार तो कुछ साल में एक बार आते हैं

मेजर और ग्रेट कैटेगरी के भूकंप दुनियाभर के रिक्टर स्केल पर साल में 19 बार दर्ज किए जाते हैं। मेजर कैटेगरी के भूकंपों की तीव्रता 7.0 से 7.9 होती है। ऐसे भूकंपों की संख्या साल भर में 18 होती है और इनसे काफी बड़े क्षेत्रों में गंभीर तबाही होती है। रिक्टर स्केल पर 8.0 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ग्रेट कैटेगरी में रखे जाते हैं। ऐसे झटकों से कुछ सौ मील तक तबाही ही तबाही पसर जाती है। हालांकि, ऐसे भूकंप रिक्टर स्केल पर साल में एक बार ही दर्ज किए जाते हैं।

हजारों मील तक मच जाती है तबाही

रिक्टर स्केल पर 9.0 से 9.9 तीव्रता वाले भूकंप एक्सट्रीम कैटेगरी में आते हैं। इनसे हजारों मील तक तबाही का मंजर पसर जाता है। ऐसे भूकंप के असर से अलग-अलग महाद्वीप तक प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि ऐसे भूकंप दुनियाभर में 20 साल में एक बार ही दर्ज किए जाते हैं।

भगवान न करे ऐसा भूकंप आए

रिक्टर स्केल पर 10.0 या इससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप को एपिक कैटेगरी में रखा गया है। अभी तक इस तरह का भूकंप दर्ज नहीं किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us