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Fact Check: मैडम तुसाद म्यूजियम के लिए पीएम के माप देने के वीडियो को उनकी मेकअप टीम बताकर किया जा रहा शेयर

Fri, 29 May 2026 03:21 PM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Fri, 29 May 2026 03:21 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग पीएम मोदी की तस्वीरें ले रहे हैं। इन लोगों के पीएम के मेकअप की टीम बताया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।

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Fact Check Video of PM giving measurements for Madame Tussauds Museum  claim that it shows his makeup team
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में पीएम मोदी के साथ कुछ लोग नजर आ रहे हैं। ये लोग उनकी तस्वीर खींच रहे हैं। इसके साथ ही उनके चेहरे हाथ पैरों का नाप भी लेते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रूमिंग और इमेज-मैनेजमेंट टीम है। जो 24 घंटे उनके साथ रहती है। कहा जा रहा है कि इन्हें विदेश से किराए पर लिया गया है, और इसका मासिक खर्च ₹10 करोड़ से अधिक है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। जांच में पता चला कि यह वीडियो  साल 2016 का है। पीएम मोदी के स्टैच्यू को मैडम तुसाद म्यूजियम में लगाना था। उसी दौरान स्टैच्यू के लिए पीएम मोदी का माप लेने के लिए ये लोग पीएम आवास पहुंचे थे। 

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क्या है दावा

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी का मेकअप और ग्रूमिंग करने के लिए टीम विदेश से आती है। 

बाबा थोका (@ThokaReturns) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, "एक भारतीय के तौर पर, क्या आप जानते हैं कि मोदी के पास 24/7 ग्रूमिंग और इमेज-मैनेजमेंट के लिए एक पूरी टीम है, जिसे विदेश से हायर किया गया है? इसमें इटली और पश्चिमी देशों के स्टाइलिस्ट और ब्यूटीशियन भी शामिल हैं। बताया जाता है कि इसका मासिक खर्च ₹10 करोड़ से भी ज़्यादा है। क्या दिखावे पर किया जाने वाला इतना ज़्यादा खर्च सही है?" पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

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इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें इस वीडियो से जुड़ी रिपोर्ट हिंदूस्तान टाइम्स पर देखने को मिली। इस रिपोर्ट को 2016 में प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि  दुनिया के मशहूर वैक्स म्यूजियम मैडम तुसाद ने 16 मार्च 2016 को घोषणा की कि अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंदन, सिंगापुर, हांगकांग और बैंकॉक में मैडम तुसाद के प्रमुख वैश्विक नेताओं की सूची में शामिल हो जाएंगे। रिपोर्ट के साथी लगी फोटो के कैप्शन में लिखा था 16 मार्च 2016 को नई दिल्ली में एक कलाकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मोम की मूर्ति बनाने के लिए उनका नाप ले रहे थे।

 

 

आगे हमें यह वीडियो मैडम तुसाद सिंगापुर नाम के यूट्यूब चैनल पर 16 मार्च 2016 को प्रकाशित मिला। इस वीडियो को प्रकाशित करके लिखा गया था “वैश्विक मंच पर सबसे प्रभावशाली राजनेताओं में से एक, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई मोम की प्रतिमाएं इस अप्रैल में लंदन, सिंगापुर, हांगकांग और बैंकॉक स्थित मैडम तुसाद के चार केंद्रों पर दुनिया के अन्य नेताओं की कतार में शामिल हो जाएंगी।”

 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि 2016 के वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 


 
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