पड़ताल: क्या सच में चंद्रयान-2 ने भेजी हैं पृथ्वी की पहली तस्वीरें?
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के दूसरे चंद्रमा मिशन चंद्रयान-2 के लॉन्च होने के बाद से ही कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जिसमें दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें चंद्रयान-2 से क्लिक की गई हैं।
अमर उजाला ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन तस्वीरों की सत्यता जानने के लिए पड़ताल की। पड़ताल में तस्वीरों से जुड़ी कई बातें सामने आईं।
इसरो ने नहीं की शेयर
चंद्रयान-2 भारत का चंद्रमा मिशन है, जिसमें यान को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर भेजा गया है। लॉन्चिंग के 53 से 54 दिन बाद चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान- 2 की लैंडिंग होगी। इसरो मिशन के लॉन्च होने के बाद से ही पल-पल की जानकारी अपने ट्विटर हैंडर पर शेयर कर रहा है। लेकिन इसरो की ओर से ऐसी कोई तस्वीर शेयर नहीं की गई है, जिसे चंद्रयान-2 से लिया गया हो।
क्या है तस्वीरों की सच्चाई?
इन तस्वीरों को लेकर जब गूगल सर्च किया गया तो पता चला कि पहली तस्वीर 26 फरवरी, 2017 में द टेलीग्राफ के एक लेख में प्रकाशित की गई थी। जिसे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा लिया गया था।
वहीं दूसरी तस्वीर को एक एनिमेटेड वीडियो से लिया गया है। जिसका शीर्षक 'लाइट ओवर द मॉर्निंग अर्थ' है।
आखिर में निष्कर्ष ये निकलता है कि जिन तस्वीरों को चंद्रयान-2 द्वारा ली गई तस्वीरें बताया दा रहा है, उनका इस मिशन से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है।