क्या चश्मदीद से खुलेगा केतन की मौत का राज?: पहले पैर पर मारी लात, फिर दिया धक्का; गवाह ने बताई आंखों देखी
पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में एक चश्मदीद गवाह ने अहम दावा किया है। गवाह के मुताबिक, उसने चेतन चौधरी को केतन को चट्टान से धक्का देते देखा। पुलिस डिजिटल सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। आइए जानते हैं गवाह ने पुलिस को और क्या बताया?
विस्तार
पुणे के रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत की जांच में एक गवाह अहम सुराग बनकर सामने आया है। इस गवाह का दावा है कि उसने तीन आरोपियों में से एक, चेतन चौधरी को 26 साल के केतन को लोहगढ़ किले की चट्टान से नीचे धक्का देते हुए देखा था। यह जानकारी पुलिस सूत्रों के अनुसार है।
बता दें कि व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी गई है। उसने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उसे भी वैसी ही हालत करने की धमकी दी गई। सूत्रों के अनुसार, घटना के पांच दिन बाद 23 जून को वह पुलिस के पास पहुंचा और अपना बयान दर्ज कराया।
गवाह ने क्या देखा?
गवाह अपने दोस्त के परिवार के साथ लोहागढ़ घूमने गया था। किले की सीढ़ियां चढ़ते समय, उसने कथित तौर पर केतन और उसकी मंगेतर सिया गोयल (जो दूसरी आरोपी है) को एक साथ चलते हुए देखा, जबकि चेतन उनके पीछे चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक, चेतन की हुडी की वजह से गवाह को उसका चेहरा याद रहा।
गवाह ने चेतन से क्या सवाल पूछा था?
इसके साथ ही गवाह ने उससे यह भी पूछा था कि गर्मी के बावजूद उसने हूडी क्यों पहनी है। किले पर पहुंचने के बाद, चेतन एक मंदिर के पास बैठा था और फिर केतन और सिया के आगे बढ़ने पर उनके पीछे-पीछे चल दिया। सूत्रों का दावा है कि गवाह ने पुलिस को बताया कि पेट में ऐंठन महसूस होने के बाद वह कुछ देर के लिए उस जगह से हट गया था।
वापस लौटते समय, उसने कथित तौर पर सिया को चेतन की ओर इशारा करते हुए देखा। गवाह के बयान के मुताबिक, इसके बाद महिला नीचे बैठ गई और केतन के पैर पर लात मारी। इसके बाद, चेतन कथित तौर पर पीछे से उस बिजनेसमैन की ओर दौड़ा और उसे चट्टान की ओर धक्का दे दिया। गवाह का दावा है कि बाद में उसने चेतन से उस घटना के बारे में बात की जो उसने देखी थी।
चेतन ने गवाह को क्या चेतावनी दी?
कहा जाता है कि सीधे सवाल-जवाब से चेतन नाराज हो गया। उसने गवाह को चुप रहने की चेतावनी दी और उसे किले से नीचे फेंक देने की धमकी भी दी। सूत्रों के मुताबिक, उस व्यक्ति ने अपने दोस्त को इस घटना के बारे में नहीं बताया।
दूसरे गवाह ने क्या बताया?
अपने बयान के अनुसार, घर लौटने के बाद उसे बुखार और शरीर में दर्द महसूस हुआ। सूत्रों ने बताया कि बाद में मीडिया रिपोर्टों से घटना के बारे में और जानकारी मिलने पर उस व्यक्ति ने पुलिस से संपर्क किया। चेतन की हुडी एक अहम सुराग है। इस मामले में एक दूसरे गवाह का भी दावा है कि लोहागढ़ की ट्रेकिंग के दौरान उसका चेतन से आमना-सामना हुआ था।
गवाह के बयान का हवाला देते हुए सूत्रों ने बताया कि उस व्यक्ति ने चेतन से पूछा कि उसने हुडी क्यों पहनी है, जिसके बाद चेतन ने माफी मांगी और आगे बढ़ गया। गवाहों के बयानों के अलावा, जांचकर्ताओं ने मामले की जांच के तहत बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूतों की भी जांच की है।
डिजिटल सबूतों की जांच कर रही पुलिस
खबरों के मुताबिक, पुलिस ने लगभग 12 TB तकनीकी डेटा का विश्लेषण किया है, जिसमें छह मोबाइल फोन, नौ पेन ड्राइव, बैकअप, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया अकाउंट से निकाली गई जानकारी शामिल है। जांचकर्ता फॉरेंसिक विश्लेषण के जरिए रिकवर किए गए डिलीट किए गए चैट और अन्य डेटा की भी जांच कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुछ डिजिटल जानकारी को डिलीट करने की कोशिश की गई थी, लेकिन बाद में डेटा के कुछ हिस्से रिकवर कर लिए गए।
जांच करने वालों के अनुसार, आईफोन से डेटा हटाने, चैट हिस्ट्री डिलीट की गई। जानकारी को वापस पाने से रोकने के तरीकों से जुड़ी सर्च हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है। बता देंं कि इस महीने की शुरुआत में, पुणे ग्रामीण पुलिस ने मर्डर केस में 5,053 पेज की चार्जशीट दाखिल की।
अब तक कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई?
शुरुआत में माना जा रहा था कि केतन की मौत पुणे के लोहागढ़ किले से गिरने के कारण हुई थी। हालांकि, बाद में पुलिस ने दावा किया कि उसकी हत्या सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन की रची गई साजिश के तहत की गई थी। इस मामले में रितेश हांगे नाम के एक तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसकी पहचान चेतन के दोस्त के तौर पर की है। इस मामले में अब तक तीन गवाह सामने आए हैं।