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आयकर छापे में निर्यातक ने सरेंडर किए 11 करोड़
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Sat, 17 Dec 2016 02:54 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : ANI
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कोहिनूर क्राफ्ट और विजन एक्सपोर्ट समेत निर्यातक हाजी इफ्तेखार अली के पांच ठिकानों को बीस घंटे से भी ज्यादा वक्त तक खंगालने के बाद इनकम टैक्स की टीम शुक्रवार सुबह आठ बजे देहरादून लौट गई। आयकर टीमें निर्यातक के घर और फैक्ट्रियों से कई दस्तावेज अपने साथ ले गई हैं। इस बीच निर्यातक ने आयकर टीमों के सामने 11 करोड़ की आय सरेंडर कर दी है। निर्यातक के घर से टीमों को 20 लाख रुपये के 2000 वाले नोट व करीब पांच किलो सोना बरामद हुआ है। घोषित आय पर निर्यातक को अब टैक्स चुकाना होगा।
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आयकर विभाग की पांच टीमों ने गुरुवार को सुबह करीब दस बजे निर्यातक हाजी इफ्तेखार अली की कोहिनूर तिराहा स्थित एक्सपोर्ट फैक्ट्री कोहिनूर क्राफ्ट, नेशनल बाईपास पर विजन एक्सपोर्ट, संभल रोड पर विजन की दूसरी ब्रांच, लाजपत नगर स्थित आवास और दिल्ली रोड पर रॉयल ग्रीन में स्थित नवनिर्मित कोठी पर छापा मारा था।
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गुरुवार सुबह शुरू हुई आयकर की यह छापामार कार्रवाई शुक्रवार को सुबह करीब आठ बजे तक चली। आयकर की टीमों ने इस बीच निर्यातक की कोठियों से लेकर फैक्ट्रियों तक चप्पा - चप्पा खंगाला। छापामारी में निर्यातक के घर से 20 लाख रुपये की नई करेंसी (2000 के नोट) और चार लाख रुपये के 100 के नोट मिले। पांच किलो गोल्ड के साथ ही हीरे की ज्वैलरी भी मिली है।
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आयकर अधिकारियों का कहना है कि आयकर का सर्च आपरेशन बढ़ता देख निर्यातक ने तड़के करीब तीन बजे 11 करोड़ रुपये की आय सरेंडर कर दी। इसके बाद टीमों ने जरूरी दस्तावेज कब्जे में लिए और देहरादून वापस लौट गईं। आयकर विभाग ने निर्यातक यह भी पूछा है कि उनके पास 20 लाख रुपये की करेंसी कहां से आई। इस पर निर्यातक का तर्क था कि इसी माह तीन तारीख को उनके बेटे की शादी हुई थी, उसके रिसेप्शन में यह रकम गिफ्ट के लिफाफों में निकली है।
लंबी सर्च के बाद आयकर विभाग के अधिकारियों ने मुझसे कहा कि मैं 11 करोड़ की आय सरेंडर कर दूं। मैंने उनकी बात मान ली। अब मैं टैक्स जमा करूंगा और केस लड़ूंगा। यदि मुझ पर टैक्स बनेगा तो कट जाएगा और यदि नहीं बनेगा तो मुझे रिफंड मिल जाएगा। मेरे घर से 20 लाख रुपये की नई करेंसी (2000 के नोट) बरामद हुए हैं। इनमें से साढ़े पांच लाख रुपये मैंने बैंक से निकलवाए थे और बाकी के करीब 15 लाख रुपये मेरे बेटे के रिसेप्शन में मेहमानों ने दिए थे।
-हाजी इफ्तेखार अली, निर्यातक