{"_id":"57d100a94f1c1b6474318268","slug":"export-of-terror-common-security-threat-pm-to-asean-nations","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आसियान में बोले मोदी, हमारे इलाके में बंद हो आतंकवाद","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
आसियान में बोले मोदी, हमारे इलाके में बंद हो आतंकवाद
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 08 Sep 2016 04:33 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : reuters
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के दौरान 'आतंकवाद के निर्यात' पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि आतंकवाद इस पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर समस्या बनकर उभरा है। एक देश इस वक्त आतंकवाद के निर्यात में जुटा हुआ है। इस समस्या से निपटने के लिए हमें एकजुट होना होगा। उनका इशारा पाकिस्तान की तरफ था।
लाओस की राजधानी विनतिएन में प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान देशों को संबोधित करते हुए कहा कि नफरत की विचारधारा के जरिए लोगों को कट्टरता की तरफ मोड़ा जा रहा हैं और फिर उन्हें हिंसा के लिए उकसाया जा रहा है। यह कट्टरता समाज की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
बीतें दो दिनों से भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही जुबानी जंग के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने आज फिर पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष रुप से हमला बोलते हुए कहा, 'आतंकवाद का निर्यात, बढ़ती हिंसा, कट्टरता, हमारे समाज के लिए गंभीर खतरा है। यह खतरा एक ही समय में स्थानीय और क्षेत्रीय दोनों हैं। हम आसियान देशों के कई स्तरों पर तालमेल और सहयोग के लिए इच्छुक हैं। '
विज्ञापन
मोदी ने कहा कि आज जब पारंपारिक और गैर-पारंपरिक चुनौतियों में आए दिन इजाफा हो रहा है, ऐसे में राजनितिक सहयोग की संबंधों में प्रमुखता बढ़ी है। उन्होंने कहा, "हम साइबर सुरक्षा, कट्टरता को कम करने और आतंकवाद का मुकाबला करने में सहयोग बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने के लिए तैयार हैं।'
इससे पहले सोमवार को मोदी ने जी20 सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि दक्षिण एशिया में 'एक देश' ऐसा है, जो आतंकवादियों की सप्लाई कर रहा है। पीएम ने कहा था कि आतंकवाद के प्रायोजकों पर प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए और उन्हें अलग-थलग कर देना चाहिए, न कि पुरस्कार दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
लाओस की राजधानी विनतिएन में प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान देशों को संबोधित करते हुए कहा कि नफरत की विचारधारा के जरिए लोगों को कट्टरता की तरफ मोड़ा जा रहा हैं और फिर उन्हें हिंसा के लिए उकसाया जा रहा है। यह कट्टरता समाज की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
विज्ञापन
बीतें दो दिनों से भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही जुबानी जंग के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने आज फिर पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष रुप से हमला बोलते हुए कहा, 'आतंकवाद का निर्यात, बढ़ती हिंसा, कट्टरता, हमारे समाज के लिए गंभीर खतरा है। यह खतरा एक ही समय में स्थानीय और क्षेत्रीय दोनों हैं। हम आसियान देशों के कई स्तरों पर तालमेल और सहयोग के लिए इच्छुक हैं। '
विज्ञापन
मोदी ने कहा कि आज जब पारंपारिक और गैर-पारंपरिक चुनौतियों में आए दिन इजाफा हो रहा है, ऐसे में राजनितिक सहयोग की संबंधों में प्रमुखता बढ़ी है। उन्होंने कहा, "हम साइबर सुरक्षा, कट्टरता को कम करने और आतंकवाद का मुकाबला करने में सहयोग बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने के लिए तैयार हैं।'
इससे पहले सोमवार को मोदी ने जी20 सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि दक्षिण एशिया में 'एक देश' ऐसा है, जो आतंकवादियों की सप्लाई कर रहा है। पीएम ने कहा था कि आतंकवाद के प्रायोजकों पर प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए और उन्हें अलग-थलग कर देना चाहिए, न कि पुरस्कार दिया जाना चाहिए।
'आसियान भारत की एक्ट ईस्ट नीति के केंद्र में'
आज प्रधानमंत्री ने कहा कि आसियान भारत की एक्ट ईस्ट नीति के केंद्र में है। उन्होंने विभिन्न देशों के प्रमुखों के 10 सदस्यीय समूह से कहा, 'हमारा जुड़ाव क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाने वाली हमारी साझा प्राथमिकताओं से संचालित है'। उन्होंने कहा कि संपर्क को बढ़ाना आसियान के साथ भारत की साझेदारी के केंद्र में है।
मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिणपूर्वी एशिया के बीच बिना किसी बाधा के डिजिटल संपर्क एक साझा लक्ष्य है। भारत आसियान देशों से संपर्क के मुद्दे पर बने मास्टर प्लान के लिए प्रतिबद्ध है।
समुद्री मार्गों को 'वैश्विक व्यापार की जीवन रेखाएं' बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्रों की सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र के समुद्र कानून पर आधारित समझौते (यूएनसीएलओएस) के अनुरूप जल-यातायात की स्वतंत्रता का समर्थन करता है। उन्होंने 'आपसी जुड़ाव की प्रकृति, दिशा और प्राथमिकताओं' पर अपने-अपने विचार साझा करने के लिए सदस्य देशों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, 'हमारी साझेदारी के तीन स्तंभ हैं सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और समाज-संस्कृति, तीनों ही क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है. उन्होंने कहा कि भारत और आसियान का जुड़ाव 'आर्थिक आशावाद' का जुड़ाव है।
उन्होंने कहा, 'हमारे आर्थिक संबंधों को विस्तार देना और इसे प्रगाढ़ करना जारी है'। लाओस के प्रधानमंत्री थोंगलोउन सिसोउलिथ ने भारत की एक्ट ईस्ट नीति और आसियान में भारत के योगदान की तारीफ की और उम्मीद जताई कि यह सम्मेलन भविष्य के लिए दिशा उपलब्ध कराएगा।
मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिणपूर्वी एशिया के बीच बिना किसी बाधा के डिजिटल संपर्क एक साझा लक्ष्य है। भारत आसियान देशों से संपर्क के मुद्दे पर बने मास्टर प्लान के लिए प्रतिबद्ध है।
समुद्री मार्गों को 'वैश्विक व्यापार की जीवन रेखाएं' बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्रों की सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र के समुद्र कानून पर आधारित समझौते (यूएनसीएलओएस) के अनुरूप जल-यातायात की स्वतंत्रता का समर्थन करता है। उन्होंने 'आपसी जुड़ाव की प्रकृति, दिशा और प्राथमिकताओं' पर अपने-अपने विचार साझा करने के लिए सदस्य देशों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, 'हमारी साझेदारी के तीन स्तंभ हैं सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और समाज-संस्कृति, तीनों ही क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है. उन्होंने कहा कि भारत और आसियान का जुड़ाव 'आर्थिक आशावाद' का जुड़ाव है।
उन्होंने कहा, 'हमारे आर्थिक संबंधों को विस्तार देना और इसे प्रगाढ़ करना जारी है'। लाओस के प्रधानमंत्री थोंगलोउन सिसोउलिथ ने भारत की एक्ट ईस्ट नीति और आसियान में भारत के योगदान की तारीफ की और उम्मीद जताई कि यह सम्मेलन भविष्य के लिए दिशा उपलब्ध कराएगा।