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केरल बाढ़: रडार से शवों का पता लगाएंगे विशेषज्ञ, अब तक 116 की मौत
Sun, 18 Aug 2019 10:08 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: Trainee Trainee
Updated Sun, 18 Aug 2019 10:08 PM IST
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केरल बाढ़
- फोटो : ANI
भयंकर बारिश की मार झेल रहे केरल में और शव मिलने के साथ ही मृतकों की संख्या 116 पर पहुंच गई है। वहीं मलप्पुरम के कवालप्पारा और वायनाड के पुथुमला में शवों का पता लगाने के लिए ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (जीपीआर) का इस्तेमाल किया जा रहा है। जीपीआर से भेजे गए संकेत सतह के नीचे की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराते हैं।
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हैदराबाद से विशेषज्ञों की एक टीम ने जीपीआर की मदद से दो गांव में तलाशी अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य मिट्टी के नीचे दबी लाशों का पता लगाना है। सरकार की ओर से जारी राज्यव्यापी आपदा रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून की दूसरी अवधि में आठ अगस्त से हो रही बारिश में 116 लोग जान गंवा चुके हैं और 83,043 लोग 519 राहत शिविरों में रह रहे हैं।
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ताजा जानकारी के मुताबिक मलप्पुरम में अब तक 53 लोगों की, वायनाड में 12 और कोझिकोड में 17 लोगों की जान जा चुकी है। साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि मॉनसून में 1,204 घर पूरी तरह बर्बाद हो गए।
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