उम्मीद है महंगाई घटाने को प्राथमिकता देता रहेगा भारत : राजन
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने उम्मीद जताई है कि भारत में बैंकों के बैलेंस शीट दुरुस्त करने की प्रक्रिया पूरी होगी और सरकार महंगाई दर कम रखने को प्राथमिकता देती रहेगी।
उन्होंने साथ ही दुनियाभर में कम ब्याज दर की देखी जा रही प्रवृत्ति के विरुद्घ चेतावनी भी दी। उन्होंने साथ ही चार फीसदी महंगाई दर के लक्ष्य के बारे में कहा कि उनके उत्तराधिकारी उर्जित पटेल ने महंगाई दर के इस कठिन लक्ष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राजन का कार्यकाल इसी महीने की चौथी तारीख को समाप्त हुआ है। राजन ने न्यूयार्क टाइम्स को दिए गए साक्षात्कार में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत में बैंकों के बैलेंस शीट दुरुस्त करने की जारी प्रक्रिया पूरी होगी। उन्होंने साथ ही कहा कि उनकी सख्त मौद्रिक नीति ने देश की महंगाई दर को घटाकर सरकार के लक्षित दायरे के ऊपरी छोर तक लाने में मदद की है। देश की उपभोक्ता महंगाई दर अभी लगभग छह फीसदी है।
महंगाई दर कम रखने को प्राथमिकता देते रहना चाहिए
उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि हमने वही किया जिसकी जरूरत थी और रिजर्व बैंक को महंगाई दर कम रखने को प्राथमिकता देते रहना चाहिए। उन्होंने फिर एक बार चेताते हुए कहा कि दुनियाभर में देखी जा रही कम ब्याज दर की प्रवृत्ति से दुनियाभर के बाजार विकृत हो सकते हैं और इस प्रवृत्ति से निजात पाना कठिन हो सकता है।
अमेरिका और यूरोप में विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दर काफी कम कर दी गई है। ऐसे देश इस आशंका में फंस सकते हैं कि वे जैसे ही ब्याज दर बढ़ाएंगे, विकास दर घटने लगेगी। राजन ने कहा कि कम ब्याज दर को विकास दर बढ़ाने के अन्य नीतिगत साधनों और विभिन्न सुधारों का विकल्प नहीं बनाया जा सकता है।
राजन ने इस मान्यता को भी गलत बताया कि उनकी सख्त मौद्रिक नीति के कारण उन्हें सरकार का सहयोग नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि उनकी सेवानिवृत्ति का कारण यह था कि वह सरकार के साथ इस समझौते पर नहीं पहुंच पाए कि वह और अधिक समय तक सेवा दे सकते हैं, लेकिन तीन साल का कार्यकाल नहीं पूरा कर सकते हैं।