चौधरी वीरेंद्र सिंह बोले: व्यवस्था परिवर्तन के बड़े पक्षधर थे स्वामी अग्निवेश, निचले वर्गों के उद्धार को समर्पित कर दिया जीवन
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेद प्रताप वैदिक ने कहा कि स्वामी अग्निवेश ने प्रोफेसर पद की बड़ी नौकरी छोड़कर समाज के लिए अपना सबकुछ बलिदान कर दिया। उन्होंने जीवन के शुरूआती दौर में ही आर्य समाज के सिद्धांतों के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्वामी अग्निवेश व्यवस्था परिवर्तन के बड़े पक्षधर थे। वे समाज में निम्न तबकों की जीवन स्थिति में परिवर्तन के लिए केवल राजनीतिक परिवर्तन को सही नहीं मानते थे। उनका मानना था कि निम्नतम तबके का विकास तभी हो सकता है जब इसके प्रति समाज के सभी वर्गों में संवेदनशीलता पैदा हो। उनका बहुत मजबूती के साथ मानना था कि यदि लोग एक दूसरे के दुखों के प्रति संवेदनशील होंगे, तो समाज में वर्ग संघर्ष पैदा ही नहीं होगा। यह कहना है पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह का। उन्होंने 11 सितंबर को स्वामी अग्निवेश की प्रथम पुण्यतिथि पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बातें कहीं।
बंधुआ मजदूरों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर देने वाले स्वामी अग्निवेश को याद करते हुए वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेद प्रताप वैदिक ने कहा कि स्वामी अग्निवेश ने प्रोफेसर पद की बड़ी नौकरी छोड़कर समाज के लिए अपना सबकुछ बलिदान कर दिया। उन्होंने जीवन के शुरूआती दौर में ही आर्य समाज के सिद्धांतों के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया और पूरा जीवन समाज के सभी धर्मों-वर्गों में एकता स्थापित करने के लिए संघर्ष करते रहे।
एक हिंदू ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने के बाद भी उन्होंने हिंदू धर्म की बुराईयों पर करारा प्रहार किया और इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने सती प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या, बालश्रम और सांप्रदायिकता जैसे अनेक मुद्दों पर आजीवन संघर्ष किया। अपनी इसी सोच के कारण उन्हें कई बार कुछ लोगों का विरोध झेलना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं किया।
राजस्थान सभा के प्रधान बिरजानंद एडवोकेट, गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के सरदार परमजीत सिंह चण्डोक, सर्वधर्म संवाद के अध्यक्ष मनु सिंह, वर्ल्ड पीस आर्गेनाइजेशन के महामंत्री मौलाना एजाज शाहीन कासमी, सलीम इंजीनियर और अन्य लोगों ने इस अवसर पर स्वामी अग्निवेश के प्रति अपने विचार रखे। इस अवसर पर स्वामी अग्निवेश द्वारा मुक्त कराए गए पांच बंधुआ मजदूरों को सम्मानित भी किया गया।