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Agnipath Scheme: हिंसा के बीच पूर्व सैनिकों ने किया 'अग्निपथ' योजना का समर्थन, कहा- यह युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करेगी
Sat, 18 Jun 2022 01:12 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 18 Jun 2022 01:12 PM IST
सार
भले ही देश के कुछ हिस्सों में केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर हिंसक विरोध हो रहा हो लेकिन महाराष्ट्र के सतारा के एक गांव के कई पूर्व सैनिकों ने इस भर्ती योजना का समर्थन किया है।
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भारतीय सेना
- फोटो : Social media
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विस्तार
भले ही देश के कुछ हिस्सों में केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर हिंसक विरोध हो रहा हो लेकिन महाराष्ट्र के सतारा के एक गांव के कई पूर्व सैनिकों ने इस भर्ती योजना का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी, बल्कि उनके लिए कई रास्ते भी खोलेगी।
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जानें क्या कहा पूर्व सैनिकों ने
सतारा शहर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अपशिंगे नाम के गांव को सशस्त्र बलों में योगदान के लिए अपशिंगे मिलिट्री के नाम से भी जाना जाता है। पीढ़ियों से इस गांव के लगभग हर घर में कोई न कोई सेना में सेवारत है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि सशस्त्र बलों में शामिल होने के इच्छुक स्थानीय युवा अग्निपथ योजना के बारे में जानने के लिए उनसे संपर्क कर रहे हैं और उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। हालांकि अग्निपथ योजना को लेकर देश के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, हम, एक गांव के रूप में, इसके बारे में सकारात्मक हैं और सोचते हैं कि यह अधिक अवसर लाएगा क्योंकि अधिक संख्या में युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा, जो कि बेरोजगारी के मुद्दे को हल करने में मदद करेगा। वहीं सूबेदार सुधीर करांडे (सेवानिवृत्त) ने कहा, जिनके परदादा और उनके भाइयों ने प्रथम विश्व युद्ध में सेवा की थी।
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गांव के 46 सदस्यों ने प्रथम विश्व युद्ध में भी भाग लिया था
उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, गांव ने अपने लगभग 46 सदस्यों को प्रथम विश्व युद्ध में सैनिकों के रूप में खो दिया और स्वतंत्रता के बाद, इस गांव के कई सैनिकों ने विभिन्न युद्धों में भाग लिया, जिनमें 1962 में चीन के खिलाफ युद्ध, 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध और कारगिल युद्ध शामिल हैं।
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जिनके पास क्षमता है वे सेना में आगे बढ़ सकते हैं: सूबेदार संदीप निकम
2020 में सेवानिवृत्त हुए सूबेदार संदीप निकम ने अग्निपथ योजना को अच्छा करार दिया और कहा कि जिनके पास क्षमता है वे सेना में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा, यहां तक कि जो लोग 25 फीसदी तक नहीं पहुंच पाते हैं, उनके लिए चार साल की सेवा के बाद मुख्यधारा में शामिल होने के बाद उनके लिए कई रास्ते खुल जाएंगे।