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ABBFF: पूर्व सीवीसी सुरेश को मिली नई जिम्मेदारी, बैंक अधिकारियों की जांच वाले सलाहकार बोर्ड के प्रमुख नियुक्त

Mon, 21 Aug 2023 05:14 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Mon, 21 Aug 2023 05:14 PM IST
सार

18 अगस्त को जारी किए गए आदेश में कहा गया है, सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियां और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थान तीन करोड़ रुपये और उससे अधिक की राशि से जुड़े धोखाधड़ी के सभी मामलों को आपराधिक जांच शुरू करने से पहले सलाह के लिए बोर्ड को भेजेंगे।

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Ex-CVC Suresh N Patel to head advisory board to examine role of top bank officials in frauds
पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त सुरेश एन पटेल (फाइल फोटो)। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) सुरेश एन पटेल को धोखाधड़ी के मामलों में शीर्ष बैंक अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए एक सलाहकार बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, बोर्ड के अन्य सदस्यों में पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के पूर्व सचिव रविकांत, सीमा सुरक्षा बल के पूर्व महानिदेशक रजनी कांत मिश्रा, ईएक्सआईएम (EXIM) बैंक के पूर्व एमडी डेविड रस्किन्हा और इंडियन ओवरसीज बैंक के पूर्व एमडी और सीईओ पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता शामिल हैं।

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केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 21 अगस्त 2023 से दो साल की अवधि के लिए होगा। आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि बैंकिंग और वित्तीय धोखाधड़ी सलाहकार बोर्ड (एबीबीएफएफ) तीन करोड़ रुपये और उससे अधिक की धोखाधड़ी के मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थान में सभी स्तर के अधिकारियों और पूर्णकालिक निदेशकों (पूर्व अधिकारियों और पूर्व-पूर्णकालिक निदेशकों सहित) की भूमिका की जांच करेगा।
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18 अगस्त को जारी किए गए आदेश में कहा गया है, सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियां और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थान तीन करोड़ रुपये और उससे अधिक की राशि से जुड़े धोखाधड़ी के सभी मामलों को आपराधिक जांच शुरू करने से पहले सलाह के लिए बोर्ड को भेजेंगे। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ऐसे सभी मामलों में अधिकारियों की आपराधिकता या दुर्भावनापूर्ण संलिप्तता के संबंध में एबीबीएफएफ द्वारा दी गई सलाह पर विचार करेगा।
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आदेश में कहा गया है, सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थान यह सुनिश्चित करेंगे कि तीन करोड़ रुपये और उससे अधिक की धोखाधड़ी के मामले में बोर्ड से सलाह मांगी गई है, प्राप्त की गई है और जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराई गई है, जो ऐसे मामलों में परिणामी कार्रवाई करते समय बोर्ड की सलाह को ध्यान में रख सकते हैं। 


आदेश में आगे कहा गया है कि केंद्रीय सतर्कता आयोग या केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) किसी भी मामले या तकनीकी मामले को सलाह के लिए बोर्ड को भेज सकता है। इसमें कहा गया है कि बोर्ड धोखाधड़ी से संबंधित नीति निर्माण के लिए भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्रीय सतर्कता आयोग को भी इनपुट दे सकता है। इसमें कहा गया है कि एबीबीएफएफ आमतौर पर प्रारंभिक संदर्भ प्राप्त होने के एक महीने के भीतर मंत्रालयों, विभागों, केंद्रीय सतर्कता आयोग या सीबीआई द्वारा मांगे जाने पर अपनी सलाह देगा।

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