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अरुणाचल के पूर्व सीएम अपांग ने पार्टी छोड़ी, भाजपा को याद दिलाया राजधर्म

Wed, 16 Jan 2019 05:53 PM IST
Nilesh Kumar भाषा, इटानगर
भाषा, इटानगर Published by: Nilesh Kumar Updated Wed, 16 Jan 2019 05:53 PM IST
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ex cm of arunachal pradesh gegong apang quit BJP party
गेगांग अपांग - फोटो : social media

अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गेगांग अपांग ने भाजपा छोड़ दी है। उन्होंने भाजपा को राजधर्म याद दिलाते हुए कहा है कि पार्टी सत्ता पाने का मंच बन गई है। अपांग चार साल पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आये थे। पूर्वोत्तर स्थित अरुणाचल प्रदेश में 22 साल तक मुख्यमंत्री रहे अपांग ने मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दो पन्नों का इस्तीफा भेजा।

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उन्होंने इस्तीफा के लिए भेजे पत्र में लिखा कि वह यह देखकर निराश हैं कि वर्तमान भाजपा अब राज धर्म के सिद्धांत का पालन नहीं कर रही है बल्कि सत्ता पाने का मंच बन गयी है। पार्टी का नेतृत्व ऐसा है जो लोकतांत्रिक फैसलों के विकेंद्रीकरण से नफरत करता है। 
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उन्होंने पत्र में लिखा है कि वाजपेयीजी को लोकतंत्र में बहुत आस्था थी। वे अक्सर मुझे राज धर्म समझाते थे, लेकिन वर्तमान बीजेपी से वह बहुत निराश हैं। आज बीजेपी वाजपेयीजी की बताई राह पर नहीं चल रही, अब यह पार्टी सत्ता पाने का मंच बन गई है। आज की बीजेपी को याद भी नहीं कि ये पार्टी कार्यकर्ताओं का, कार्यकर्ताओं के लिए और कार्यकर्ताओं के द्वारा खड़ी की गई पार्टी रही है।

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जनता ने नहीं चुना, फिर भी सरकार बना ली

उन्होंने अरुणाचल में जबरदस्ती सरकार बनाए जाने की भी निंदा की। लिखा कि 2014 में अरुणाचल की जनता ने भाजपा को नहीं चुना, लेकिन बीजेपी ने हथकंडे अपनाकर कलिखो पुल को मुख्यमंत्री बना दिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद बीजेपी ने दोबारा सरकार बना ली। पूर्वोत्तर में कई जगहों पर भी सरकार बनाने में भी भाजपा ने नैतिकता का ख्याल नहीं रखा। उन्होंने कलिखो पुल की आत्महत्या की उचित जांच न कराए जाने पर भी नाराजगी जताई है। 

असली मुद्दों पर काम नहीं कर रही भाजपा

पत्र में उन्होंने लिखा कि वाजपेयी ने कहा था कि आदर्शों से समझौता करके सत्ता हासिल करने से बेहतर है अलग होकर एकांतवास में रहना। भाजपा के कार्यकर्ताओं की राज्य के अंदर भी महत्व नहीं, वे बस सोशल मीडिया में लगे हैं। उन्होंने आगे लिखा कि चाहे सरकारी योजनाओं का लोगों को लाभ पहुंचाने की बात हो, नागरिकता बिल की बात हो या अन्य कोई मुद्दा, भाजपा और मोदी सरकार असली मुद्दों पर काम नहीं कर रही है। 

अपांग ने अंत में लिखा कि कि वह चाहते हैं कि अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज धर्म का पालन करना सीखना चाहिए। मालूम हो कि 69 वर्षीय अपांग ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हो गये थे। अपांग के फैसले का स्वागत करते हुए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष टकम संजय ने कहा कि इससे भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया।

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