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Ethanol Blending: E20 पेट्रोल पर फैली अफवाहों पर बोली सरकार- इंजन खराब होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं

Tue, 23 Jun 2026 11:04 PM IST
Pavan आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Tue, 23 Jun 2026 11:04 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने कहा है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने (E20) की योजना पूरी तरह वैज्ञानिक और सुरक्षित है। सोशल मीडिया पर इंजन खराब होने, चींटियां लगने या बीमा अमान्य होने जैसे दावों को सरकार ने भ्रामक बताया। सरकार के अनुसार, एथेनॉल ब्लेंडिंग से 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा बची है और किसानों को भी लाभ मिला है।

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Ethanol blending scheme for petrol is scientifically validated: Govt
पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की योजना पर बोली सरकार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केंद्र सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने (एथेनॉल ब्लेंडिंग) की योजना को पूरी तरह वैज्ञानिक और सुरक्षित बताते हुए सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कई दावों को भ्रामक और निराधार करार दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर कुछ लोग गलत जानकारी फैलाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम 2003 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात को कम करना, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना और पर्यावरण को बेहतर बनाना है। तकनीकी तैयारियों और विशेषज्ञों से सलाह के बाद 2023 से 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) लागू किया गया।
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सरकार ने कहा कि E20 पेट्रोल लागू होने के बाद देशभर में इंजन खराब होने या वाहनों में बड़े पैमाने पर तकनीकी दिक्कतों की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर गन्ने के रस को सीधे पेट्रोल में मिलाने के दावे पूरी तरह गलत हैं। ईंधन में इस्तेमाल होने वाला एथेनॉल कई औद्योगिक प्रक्रियाओं, किण्वन और परीक्षणों के बाद तैयार किया जाता है और इसकी गुणवत्ता तय मानकों के अनुसार होती है।
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हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वाहन के फ्यूल टैंक के पास चींटियां दिखाई गई थीं। इस पर भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने स्पष्ट किया कि ईंधन ग्रेड एथेनॉल में कोई शर्करा नहीं होती और उसमें ऐसे तत्व भी मिलाए जाते हैं जो कीड़ों को दूर रखते हैं। इसलिए E20 ईंधन से चींटियों के आकर्षित होने का दावा वैज्ञानिक रूप से गलत है।


मंत्रालय ने यह भी कहा कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहन बीमा अमान्य होने की बात भी गलत साबित हुई है। एथेनॉल मिश्रण दुनिया के कई देशों जैसे अमेरिका, ब्राजील और जापान में सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है। ब्राजील में तो E27 यानी 27 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल सामान्य रूप से उपयोग किया जाता है।

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सरकार के अनुसार, एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से कच्चे तेल के आयात में कमी आई है और देश को अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। इससे किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने में भी मदद मिली है।
 
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