सहकारी बैंकों में जमा 1500 करोड़ की जांच कर रहा प्रवर्तन निदेशालय
नोटबंदी के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में संदिग्ध लेन-देन की आई बाढ़ के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। ईडी कई संदिग्ध लेन-देन की जांच कर रहा है। इसमें मुंबई के एक दर्जन से अधिक सहकारी बैंकों में 1596 करोड़ के पुराने नोट जमा कराने का मामला भी शामिल हैं।
इसके अलावा ईडी इलाहाबाद बैंक में 205 नए खाते खोले जाने की भी जांच कर रहा है। इन खातों के जरिए पुराने नोट को नए नोट में बदलने का आरोप है। उधर, आयकर विभाग ने दिल्ली के एक सहकारी बैंक में 120 करोड़ रुपये की अनियमितता पकड़ी है।
इस बीच, पुलिस ने राजस्थान के कोटा में 9.2 लाख रुपये की नकदी के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कथित रूप से यह राशि शहर में ‘हवाला’ लेन-देन के लिए लाई गई थी। इस मामले में सुरेंद्र शर्मा (40) और ओमप्रकाश सोनी (35) को बृहस्पतिवार शाम सब्जी मंडी इलाके के पास से गिरफ्तार किया गया है।
प्रमुख ज्वेलरों के खिलाफ भी छानबीन कर रहा है ईडी
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ईडी ने इन मामलों में मनीलांड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 26 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। जांच एजेंसी ने इन मामलों में 18 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि फेमा के तहत 150 से अधिक मामलों की जांच कर रही है।
ईडी ने देशभर के 50 बैंकों में छानबीन के बाद 35 जनधन खातों का भी पता लगाया है जिसमें 10 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा की गई है। इसके साथ ही ईडी अवैध तरीके से पुराने नोटों को नए नोटों में बदलने के मामले में 80 प्रमुख ज्वेलरों के खिलाफ भी छानबीन कर रहा है।
उधर, आयकर विभाग ने दिल्ली के एक सहकारी बैंक में पुराने नोटों को बदलने के मामले में 120 करोड़ रुपये की गड़बड़ी पकड़ी है। अनियमितता की सूचना पर आयकर विभाग की टीम ने बैंक और उसके अधिकारियों के ठिकानों पर पांच दिन तक तलाशी अभियान चलाया, जिसमें पुराने नोटों को बदलने के मामले में बैंक में बड़े पैमाने पर आरबीआई के दिशानिर्देशों के उल्लंघन का मामला सामने आया।
यह बात भी सामने आई की बैंक ने नोटबंदी के बाद कई नए खाते खोले और उसके जरिए पुरानों नोटों की अदला-बदली की। आयकर विभाग ने बैंक से कई दस्तावेज जब्त किए हैं और पूछताछ के लिए अधिकारियों को समन जारी किया है।