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तकनीक के कारण नौकरियों में कमी एक बड़ी चुनौती: सुमित्रा महाजन
भाषा, नई दिल्ली
Updated Wed, 17 Oct 2018 03:31 PM IST
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लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन
- फोटो : amar ujala
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा है कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस) के कारण नौकरियों में कमी एक अहम चुनौती है जिस पर चर्चा होनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसका निदान ढूंढना चाहिए।
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जिनेवा में अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) के 139वें सत्र को संबोधित करते हुए महाजन ने मंगलवार को कहा, ‘तकनीक और नवोन्मेष हमें सूचना, बेहतर जीवनशैली, संपर्क, संचार, सोशल नेटवर्किंग और मनोरंजन तक आसान पहुंच मुहैया कराते हैं, लेकिन इससे नौकरियों में कमी भी आती है, अकेलापन बढ़ता है, लत लगती है और मनोवैज्ञानिक विकार देखने को मिलते हैं।’
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लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी एक बयान में महाजन के हवाले से कहा गया है कि समूची मानवता नवोन्मेष की अगुवाई वाली प्रौद्योगिकीय एवं डिजिटल क्रांति के केंद्र में है जो पृथ्वी पर जीवन के हर पहलू को आकार दे रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल साधनों तक पहुंच में बड़े फर्क से वैश्विक शांति को खतरा पैदा हो सकता है।
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जिनेवा में भारतीय संसदीय शिष्टमंडल की अगुवाई कर रहीं महाजन ने कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी, महिला हितैषी साधनों, गरीब हितैषी शोध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव और नौकरियों में कमी कुछ अहम चुनौतियां हैं जिन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को निश्चित तौर पर चर्चा करनी चाहिए और इनका निदान करना चाहिए।