ईपीएफ पर ब्याज दर घटाने की तैयारी में सरकार
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बीते साल दिए गए 8.8 फीसदी की जगह इस बार महज 8.6 फीसदी ही ब्याज दिए जाने की तैयारी है। इस आशय की आधिकारिक घोषणा जल्द कर दी जाएगी। बीते वित्तीय वर्ष के लिए श्रम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय के 8.7 फीसदी ब्याज दर तय करने की सलाह ठुकराते हुए 8.8 फीसदी ब्याज दर सुनिश्चित की थी। मगर इस बार ब्याज दर पर दोनों मंत्रालयों में सहमति बन चुकी है।
दरअसल पीएफ पर ब्याज दर का निर्धारण ईपीएफओ द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में होने वाली आय के अनुमान तय किए जाने के बाद होता है। अनुमान सामने आने के बाद पीएफ का सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ब्याज दर निर्धारित करता है।
पीएफ खाताधारकों की संख्या करीब 4 करोड़
हालांकि ईएफपीओ ने अब तक कोई अनुमान नहीं लगाया है, जबकि श्रम और वित्त मंत्रालय में ब्याज दर पर सहमति बन गई है। श्रम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय के इस सुझाव को भी मान लिया हैकि ब्याज दर उतनी ही तय की जाए, जिसका भुगतान करने में खुद ईपीएफओ अपने संसाधनों से करने में सक्षम हो।
गौरतलब है कि देश भर में पीएफ खाताधारकों की संख्या करीब 4 करोड़ है। हालांकि ब्याज दर में कटौती की घोषणा के बाद कर्मचारी संगठन एक बार फिर से नाराज हो सकते हैं।
बीते दिनों कर्मचारी और मजदूर संगठनों अपने हितों से जुड़े कई मसलों पर राष्ट्रीय स्तर पर बंद का आह्वान किया था। हालांकि अंत समय में संघ समर्थक संगठनों की बंद से दूरी दिखाने के कारण इसका व्यापक असर नहीं पड़ा था।