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प्रख्यात संस्कृत विद्वान बन्नंजय गोविंदाचार्य का 84 वर्ष की उम्र में निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख
Sun, 13 Dec 2020 02:10 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उडुपी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उडुपी
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 13 Dec 2020 02:10 PM IST
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Bannanje Govindacharya
- फोटो : Facebook/Bannanje Govindacharya
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प्रख्यात संस्कृत विद्वान बन्नंजय गोविंदाचार्य का रविवार को उडुपी के अंबालापडी में अपने निवास पर एक लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। उन्हें 2009 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
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बन्नंजय गोविंदाचार्य वेद भाष्य, उपनिषद भाष्य, महाभारत, पुराणों और रामायण के अच्छे जानकार थे। एक प्रवचनकर्ता के रूप में उन्होंने देश और विदेश के विभिन्न हिस्सों में विविध विषयों पर कई प्रवचन प्रस्तुत किए। गोविंदाचार्य ने मध्वाचार्य की कई रचनाओं के लिए संस्कृत कमेंट्री लिखी थी, जिनमें आनंदमाला, वायुसूती, विष्णुस्तुति शामिल हैं।
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गोविंदाचार्य के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि गोविंदाचार्य जी को साहित्य में उनके महान योगदान के लिए याद किया जाएगा। संस्कृत और कन्नड़ के प्रति उनका जुनून सराहनीय था। उनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करती रहेंगी। उनके निधन से मैं बहुत दुखी हूं। उनके परिवार के प्रति संवेदना। शांति।
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Vidyavachaspati Bannanje Govindacharya Ji will be remembered for his great contributions to literature. His passion towards Sanskrit and Kannada were admirable. His works will continue influencing the future generations. Pained by his demise. Condolences to his family. Om Shanti.
— Narendra Modi (@narendramodi) December 13, 2020