एम्ब्रेयर विमान की सौदेबाजी में हुए कथित घोटाले की जांच करेगी सीबीआई
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रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने सीबीआई से एम्ब्रेयर (ईएमबी-145) विमान की सौदेबाजी में हुई कथित घूसखोरी की जांच करने को कहा है। 2008 में यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुए करीब 124 करोड़ के इस डील को पक्का करने के लिए लंदन के एक बिचौलिए के जरिए घूस के लेनदेन का आरोप है। यह आरोप ब्राजील की कंपनी एम्ब्रेयर की खिलाफ अमेरिका के यूएस जिस्टिस डिपार्टमेंट और ब्राजील के अभियोजन पक्ष की जांच के बाद उजागर हुआ है। पिछले हफ्ते रक्षा मंत्रालय को यह खबर लगी कि भारत के साथ उन्नत रडार सिस्टम अवॉक्स से लैस तीन एम्ब्रेयर विमान के सौदे में घूसखोरी हुई।
इस खबर के बाद डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने ब्राजील सरकार और एम्ब्रेयर कंपनी से राजनयिक चैनल के जरिए पूरा ब्यौरा मांगा है। मंत्रालय ने डीआरडीओ को यह काम 15 दिन के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक सीबीआई पहले इस मामले की प्रिलिमनरी एनक्वायरी (पीई) कर आरोप की गंभीरता का पता लगाएगी।
अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की विशेष टीम को यह मामला भी सौंपा जा सकता है। अगस्ता मामले में विवादों में फंसी यूपीए और कांग्रेस केलिए यह मामला भी बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है। डीआरडीओ के प्रोजेक्ट के तहत अवॉक्स सिस्टम से लैंस पहला विमान 2011 में भारत को सौंपा जा चुका है। बाकी दो विमान दिसंबर तक भारत आने की संभावना जताई जा रही है।