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मुंबई हादसा : रेलवे अधिकारियों के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 30 Sep 2017 09:02 PM IST
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एलफिंस्टन रोड रेलवे स्टेशन के ब्रिज पर मची भगदड़ के मामले में लापरवाही के लिए रेलवे अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर मुंबई हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका मुंबई निवासी प्रदीप भालेकर ने शुक्रवार को दायर की।
भालेकर के वकील नितिन सतपुते ने बताया, ‘रजिस्ट्री के लिए याचिका सौंप दी गई है। हम तीन अक्तूबर को इसके बारे में बताएंगे।’ याचिका में हाईकोर्ट की निगरानी में हादसे की जांच करने और इसके लिए उचित निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि एलफिंस्टन रोड ब्रिज के काफी गंभीर हो चुके इस मुद्दे को लोगों ने कई बार उठाया था, लेकिन इसको लेकर सरकार और रेलवे कोई कदम उठाने में नाकाम रहे।
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याचिका में कहा गया है कि यह पूरी तरह से रेलवे की लापरवाही का मामला है। गैर इरादतन हत्या के इस मामले को लेकर दोषी रेलवे अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (टू) के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
याचिका में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय किए जाने की भी मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि रेलवे को फुट ओवरब्रिज पर भीड़ कम करने के लिए अवैध फेरी वालों और अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश देना चाहिए।
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भालेकर के वकील नितिन सतपुते ने बताया, ‘रजिस्ट्री के लिए याचिका सौंप दी गई है। हम तीन अक्तूबर को इसके बारे में बताएंगे।’ याचिका में हाईकोर्ट की निगरानी में हादसे की जांच करने और इसके लिए उचित निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि एलफिंस्टन रोड ब्रिज के काफी गंभीर हो चुके इस मुद्दे को लोगों ने कई बार उठाया था, लेकिन इसको लेकर सरकार और रेलवे कोई कदम उठाने में नाकाम रहे।
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याचिका में कहा गया है कि यह पूरी तरह से रेलवे की लापरवाही का मामला है। गैर इरादतन हत्या के इस मामले को लेकर दोषी रेलवे अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (टू) के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
याचिका में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय किए जाने की भी मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि रेलवे को फुट ओवरब्रिज पर भीड़ कम करने के लिए अवैध फेरी वालों और अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश देना चाहिए।