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Content Blocking Order: एक्स ने ऑनलाइन सामग्री ब्लॉक करने के आदेश को दी चुनौती, कहा- सेंसरशिप को मिलेगा बढ़ावा
Thu, 03 Aug 2023 05:10 AM IST
गुलाम अहमद
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Thu, 03 Aug 2023 05:10 AM IST
सार
हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 30 जून को कंपनी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए उसकी अपील खारिज कर दी थी। कंपनी ने इसमें सरकार की ओर से 2022 में ऑनलाइन सामग्री प्रतिबंधित करने के लिए दिए आदेश को चुनौती दी थी।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर ने नाम बदलने के बावजूद अड़ियल रवैया बरकरार रखते हुए ऑनलाइन सामग्री ब्लॉक करने के मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश को बड़ी पीठ में चुनौती दी है। एलन मस्क की कंपनी एक्स ने सरकार के खिलाफ टकराव वाले अंदाज में दलील दी है कि अगर वह सरकार के कहने पर सामग्री हटाने लगी, तो सरकार और हावी होती रहेगी।
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हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 30 जून को कंपनी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए उसकी अपील खारिज कर दी थी। कंपनी ने इसमें सरकार की ओर से 2022 में ऑनलाइन सामग्री प्रतिबंधित करने के लिए दिए आदेश को चुनौती दी थी। 96 पृष्ठों की अपील में एक्स ने कहा कि सरकार का हौसला बढ़ा तो सामग्री ब्लॉक करने के और भी आदेश उसे मिलने लगेंगे। यह सेंसरशिप को बढ़ावा देगा।
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यह मामला मस्क के ट्विटर को खरीदने के पहले से चल रहा है। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ट्विटर को आईटी अधिनियम 2000 के तहत 29 खाते व 33 यूआरएल हटाने को कहा था। जून, 2022 में ट्विटर को आईटी नियम 2021 के तहत आदेश न मानने का दोषी भी माना गया।
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साफ होने चाहिए मानक
सूत्रों के अनुसार, अपील में एक्स कंपनी मान रही है कि हाईकोर्ट ने पूर्व के दिए निर्णय में उसे स्वतंत्रता व जीवन के अधिकार का पात्र न मानकर गलती की है। मंत्रालय ने भी प्रतिबंध के लिए आईटी नियम 2009 में निर्धारित नियम का पालन नहीं किया। आदेश के लिए आईटी एक्ट का आधार भी गलत लिया गया। अपील में कहा गया कि ऑनलाइन सामग्री पर प्रतिबंध के बजाय पूरे अकाउंट को ब्लॉक करने के लिए साफ मानक होने चाहिए।