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Elon Musk: एलन मस्क की न्यूरालिंक ने किया अपनी चिप को लेकर दावा, कहा- शख्स ने बिना छुए चलाया कंप्यूटर का माउस

Wed, 21 Feb 2024 06:56 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: यशोधन शर्मा Updated Wed, 21 Feb 2024 06:56 AM IST
सार

व्यक्ति के मस्तिष्क के उस हिस्से में ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस इंप्लांट एक रोबोट के जरिये लगाया गया जो शरीर की हरकतों को नियंत्रित करता है। न्यूरालिंक ने तब बताया था कि इस प्रयोग का शुरुआती लक्ष्य कंप्यूटर, कीबोर्ड या फोन को सिर्फ सोच के जरिये नियंत्रित करना है।

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Elon Musk Neuralink company implanted chip human brain moved computer mouse
elon musk - फोटो : social media

विस्तार

एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक ने दावा किया कि जिस इंसान के मस्तिष्क में चिप लगायी थी उसने बगैर छुए सिर्फ अपनी सोच के जरिये कंप्यूटर माउस को चलाने में कामयाबी हासिल की है। मस्क ने सोमवार देर रात खुद सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की।

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मस्क ने कहा, मस्तिष्क में चिप लगाने के बाद संबंधित शख्स की स्वस्थ होने की गति सही है और अब तक किसी तरह के कोई विपरीत परिणाम सामने नहीं आए हैं। यह व्यक्ति सिर्फ सोच के जरिये माउस चलाने में सक्षम है। मस्क ने कहा, न्यूरालिंक अब इस व्यक्ति के जरिये अधिक से अधिक माउस क्लिक हासिल करने में जुटा है।  
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हालांकि, इस बारे में न्यूरालिंक ने मीडिया की ओर से किए गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है। इसलिए चिप के जरिये हासिल की गई अन्य उपलब्धियों की कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इंसानों के शरीर में चिप फिट कर बीमारियों के उपचार के लिए इंसानी परीक्षण की पिछले साल सितंबर में अनुमति मिली थी। न्यूरालिंक ने प्रायोगिक तौर पर पिछले महीने एक व्यक्ति के मस्तिष्क में पहली बार चिप लगाई थी। 
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रोबोट के जरिये लगाई थी चिप
व्यक्ति के मस्तिष्क के उस हिस्से में ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस इंप्लांट एक रोबोट के जरिये लगाया गया जो शरीर की हरकतों को नियंत्रित करता है। न्यूरालिंक ने तब बताया था कि इस प्रयोग का शुरुआती लक्ष्य कंप्यूटर, कीबोर्ड या फोन को सिर्फ सोच के जरिये नियंत्रित करना है।

कई बीमारियों के इलाज का दावा
न्यूरालिंक एलन मस्क की स्टार्टअप कंपनी है और इसके जरिये मस्क ने महत्वकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। उनका कहना है कि कंपनी के चिप उपकरणों को इंसानी शरीर में लगा कर मोटापा, ऑटिज्म, अवसाद या सिजोफ्रेनिया जैसी बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। हालांकि अभी वैज्ञानिक रूप से इसकी पुष्टि होनी बाकी है।

आलोचनाएं भी कम नहीं
पिछले साल 5 अरब डॉलर की कंपनी आंकी गई न्यूरालिंक को लेकर आलोचनाएं भी कम नहीं हैं। मस्क ने 29 जनवरी को जब पहली बार इंसानी दिमाग में चिप लगाने की घोषणा की थी तब अमेरिकी जनता के बीच एक सर्वे किया गया था।


सर्वे में 53 फीसदी लोगों ने कहा था कि यह बेहद बुरा विचार है और समाज के लिए सही नहीं है। सिर्फ 13 फीसदी इसके पक्ष में थे। कंपनी पर इसके अलावा भी कई आरोप लगे हैं। अमेरिकी ट्रांसपोर्टेशन नियमों के उल्लंघन को लेकर पिछले महीने कंपनी पर जुर्माना लगाया गया था। आरोप था कि कंपनी ने खतरनाक सामग्री के परिवहन में नियमों का उल्लंघन किया।

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