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'इलेक्शन किंग' ने 177वीं बार भरा नामांकन पत्र
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 28 Oct 2016 09:33 AM IST
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फाइल फोटोः के. पद्मराजन
- फोटो : Social Media
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चुनावों में नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए 'इलेक्शन किंग' के नाम से मशहूर तमिलनाडु के 57 वर्षीय के. पद्मराजन ने नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए थिरूपरानकुंदरम (Thiruparankundram) विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव को भी नहीं छोड़ा।
सलेम के रहने वाले पद्मराजन ने मंगलवार को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र भरा। 1988 से लेकर अब तक पद्मराजन ने 177 बार नामांकन पत्र भरा है। 19 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए नाम तामीलार काटची से दो और लोगों ने भी नामांकन भरा है। 17 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने थिरूपरानकुंदरम विधानसभा सीट के लिए उपचुनावों की घोषणा की।
एआईएडीएमके के एसएम सीनीवेल ने मई में इस सीट पर जीत हासिल की थी, लेकिन 25 मई को उनकी मृत्यु हो गई। इस विधानसभा सीट के इतिहास में यह पहला उपचुनाव है। निर्वाचन अधिकारी ने कहा, 'आचार संहिता लागू होने के बाद चार स्क्वॉयड टीमें बनाई गई हैं, जिन्होंने अब तक 5.6 लाख रुपये सीज किए हैं।'
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सलेम के रहने वाले पद्मराजन ने मंगलवार को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र भरा। 1988 से लेकर अब तक पद्मराजन ने 177 बार नामांकन पत्र भरा है। 19 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए नाम तामीलार काटची से दो और लोगों ने भी नामांकन भरा है। 17 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने थिरूपरानकुंदरम विधानसभा सीट के लिए उपचुनावों की घोषणा की।
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एआईएडीएमके के एसएम सीनीवेल ने मई में इस सीट पर जीत हासिल की थी, लेकिन 25 मई को उनकी मृत्यु हो गई। इस विधानसभा सीट के इतिहास में यह पहला उपचुनाव है। निर्वाचन अधिकारी ने कहा, 'आचार संहिता लागू होने के बाद चार स्क्वॉयड टीमें बनाई गई हैं, जिन्होंने अब तक 5.6 लाख रुपये सीज किए हैं।'
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वाजपेयी के खिलाफ भी लड़ चुके हैं चुनाव
फाइल फोटोः पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव
- फोटो : अमर उजाला
पद्मराजन ने कहा, 'चुनावों में पैसा बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है, कोई भी निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सकता, लेकिन गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने के लिए मैं नामांकन पत्र दाखिल करता रहूंगा। मैं कोई प्रचार नहीं करूंगा। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद मेरा काम पूरा हो गया है।'
पद्मराजन के मुताबिक, उनके पूर्वज एक सदी पहले केरल से सलेम के अथूर चले आए थे। सलेम के मेत्तुर में टायर बिजनेस चलाने वाले पद्मराजन ने अपना पहला नामांकन पत्र मेत्तुर विधानसभा सीट से 1986 में भरा था। इसके बाद से राज्य भर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों के खिलाफ चुना लड़ा।
1991 में पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के खिलाफ आंध्र प्रदेश के नाड्याल से नामांकन पत्र भरने वाले पद्मराजन का अपहरण हो गया। इस घटना ने उन्हें आम जन में लोकप्रिय बना दिया। पद्मराजन लखनऊ से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं। इसके अलावा पद्मराजन तमिलनाडु के एम. करुणानिधि और जे. जयललिता के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।
पद्मराजन के मुताबिक, उनके पूर्वज एक सदी पहले केरल से सलेम के अथूर चले आए थे। सलेम के मेत्तुर में टायर बिजनेस चलाने वाले पद्मराजन ने अपना पहला नामांकन पत्र मेत्तुर विधानसभा सीट से 1986 में भरा था। इसके बाद से राज्य भर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों के खिलाफ चुना लड़ा।
1991 में पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के खिलाफ आंध्र प्रदेश के नाड्याल से नामांकन पत्र भरने वाले पद्मराजन का अपहरण हो गया। इस घटना ने उन्हें आम जन में लोकप्रिय बना दिया। पद्मराजन लखनऊ से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं। इसके अलावा पद्मराजन तमिलनाडु के एम. करुणानिधि और जे. जयललिता के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।