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Election: चुनाव पूर्व विकास योजनाओं को फटाफट मिल रही मंजूरी, एक दर्जन वंदेभारत ट्रेनों को जल्द मिलेगी हरी झंडी

Mon, 11 Mar 2024 04:36 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 11 Mar 2024 04:36 PM IST
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सार
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आखिरी बैठक हो सकती है। इसी हफ्ते के मध्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है। कैबिनेट के एजेंडे में 76,000 करोड़ रुपये की विवादास्पद वधावन बंदरगाह परियोजना शामिल है। आदर्श आचार संहिता के लागू होने से पहले इस परियोजना के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी लेने की कोशिश की जा रही है...
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Election: development schemes are getting immediate approval, 12 Vande Bharat trains will soon on track
पीएम नरेंद्र मोदी ने द्वारका एक्सप्रेसवे के गुरुग्राम खंड का उद्घाटन किया - फोटो : PTI

विस्तार

लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। आने वाले कुछ दिनों में चुनाव आयोग तारीखों का एलान कर देगा। ऐसे में केंद्र सरकार के पास काफी कम समय बचा है। इसी के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर दिन बड़ी परियोजना को हरी झंडी दिखा दे रहे हैं। सोमवार को भी प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी में ही करीब एख लाख करोड़ रुपये की राजमार्ग परियोजना को हरी झंडी दिखाई। इसमें 19 किलोमीटर का द्वारका एक्सप्रेस-वे भी शामिल है। इसे केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मेगा परियोजना भारतमाला योजना के तहत बनाया जाना है।

सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार मंगलवार को करीब एक दर्जन नई वंदे भारत ट्रेन लॉन्च करने की योजना बना रही है। अधिकारियों के मुताबिक प्रधानमंत्री अन्य रेल परियोजनाओं में गुजरात के अहमदाबाद में वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के परिचालन नियंत्रण केंद्र का उद्घाटन भी कर सकते हैं।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आखिरी बैठक हो सकती है। इसी हफ्ते के मध्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है। कैबिनेट के एजेंडे में 76,000 करोड़ रुपये की विवादास्पद वधावन बंदरगाह परियोजना शामिल है। आदर्श आचार संहिता के लागू होने से पहले इस परियोजना के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने लेने की कोशिश की जा रही है। इस बंदरगाह के चलते पारिस्थितिकी तंत्र और स्थानीय आजीविका के नुकसान को लेकर कई सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा एतराज जताया जा रहा है।

पिछले हफ्ते दी थी 2.3 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले हफ्ते 2.3 लाख करोड़ रुपये की मेगा परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई। इन परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे, सहायक बुनियादी ढांचे, बिजली उत्पादन एवं ट्रांसमिशन, हवाईअड्डे और केंद्र के स्वामित्व वाले बंदरगाहों का विकास भी शामिल है।

इनमें से करीब 38,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं को मंजूरी दी जाएगी, जबकि करीब 61,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री मोदी ने आजमगढ़ में करीब 34,000 करोड़ रुपये, अरुणाचल प्रदेश में 65,000 करोड़ रुपये (पीएम उन्नति योजना सहित), असम में 17,500 करोड़ रुपये, तेलंगाना में 62,800 करोड़ रुपये और कोलकाता से 15,000 करोड़ रुपये की विभिन्न रेल एवं शहरी परिवहन परियोजना को हरी झंडी दिखाई और शिलान्यास किया, जिसमें दिल्ली-मेरठ क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी तेल एवं गैस क्षेत्र की परियोजनाओं का उद्घाटन दो मार्च को किया, जिसकी लागत करीब 1.62 लाख करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बिहार, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब और कर्नाटक से जुड़ी हैं। इनमें से प्रमुख कच्चे तेल के पहले टैंकर को हरी झंडी दिखाना है, जो ओएनजीसी के कृष्णा गोदावरी (केजी) बेसिन के ब्लॉक से मिला है। उत्पादन बढ़ने के साथ ही इस परियोजना से देश के तेल एवं गैस उत्पादन में सात फीसदी की बढ़ोतरी होगी।

इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने आईओसीएल के बरौनी रिफाइनरी के विस्तार के लिए भी शिलान्यास किया, जिसकी लागत 11,400 करोड़ रुपये से अधिक होगी। शनिवार को भी अपनी असम यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी प्राकृतिक गैस को ले जाने वाली पाइपलाइन का उद्घाटन किया। हालांकि चुनाव से पहले ही महत्वपूर्ण घोषणा शुक्रवार को ही कर दी गई, जब प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये की छूट की घोषणा की।

बिजली क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले हफ्ते सोमवार को 32 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें से ज्यादातर विभिन्न राज्यों में सौर बिजली परियोजना, ट्रांसमिशन परियोजना और कुछ ताप विद्युत परियोजना शामिल हैं। बिजली मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इन विकास परियोजनाओं की लागत 56,000 करोड़ रुपये है।

प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर राज्यों को लक्षित करते हुए भी कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश की करीब 55,600 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने देश के लिए सेला टनल समर्पित करते हुए शनिवार को करीब 10,000 करोड़ रुपये की उन्नति योजना की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने जिन बड़ी परियोजनाओं की आधारशिला रखी है, उनमें अरुणाचल में 28 गीगावॉट की दिबांग पनबिजली परियोजना है, जिसकी अनुमानित लागत 31,875 करोड़ रुपये है। यह परियोजना 2011 से कई पर्यावरणीय चिंताओं को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के चलते लंबित थीं।

 

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