{"_id":"591730384f1c1b231f854ad0","slug":"election-commission-to-change-rules-for-recounting-of-votes-will-use-vvpat-slips","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव आयोग ने किया वोटों की गिनती के नियम में बदलाव, पर्ची से होगा मशीन के मतों का मिलान","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
चुनाव आयोग ने किया वोटों की गिनती के नियम में बदलाव, पर्ची से होगा मशीन के मतों का मिलान
amarujala.com - Written By: धीरज कनोजिया
Updated Sun, 14 May 2017 08:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईवीएम की विश्वसनीयता पर उठे सवाल के बीच चुनाव आयोग ने पुनर्मतगणना के नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है। इससे पहले आयोग भविष्य के सारे चुनाव वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) से कराने का फैसला ले चुका है।
अभी मतगणना के दौरान किसी उम्मीदवार के एजेंट द्वारा वीवीपीएटी की पर्ची की गिनती की मांग करने पर ही पर्ची की गिनती की जाती है। लेकिन नियम में बदलाव के तहत आगे से सभी वीवीपीएटी और ईवीएम के मतों की गिनती का मिलान किया जाएगा।
मौजूदा नियम के मुताबिक वीवीपीएटी की सभी पर्चियों को गिना नहीं जाता। कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स, 1961 के नियम 56 डी के तहत उम्मीदवार के एजेंट की मांग पर ही रिटर्निंग अधिकारी वीवीपीएटी पर्ची की गिनती करता है।
विज्ञापन
शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक में चुनाव आयोग से इन नियमों को बदलने की मांग की गई थी। लिहाजा, चुनाव आयोग नए नियम के तहत अब वीवीपीएटी की पर्ची को ईवीएम के मतों से मिलान करेगा। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
चुनाव नतीजों की सत्यता साबित करने के लिए ईवीएम की गिनती के अलावा वीवीपीएटी की कागज पर्ची भी सबूत के तौर पर होगी। शुक्रवार को हुई बैठक में ज्यादातर दलों ने वीवीपीएटी मशीन पर जोर दिया था।
विज्ञापन
अभी मतगणना के दौरान किसी उम्मीदवार के एजेंट द्वारा वीवीपीएटी की पर्ची की गिनती की मांग करने पर ही पर्ची की गिनती की जाती है। लेकिन नियम में बदलाव के तहत आगे से सभी वीवीपीएटी और ईवीएम के मतों की गिनती का मिलान किया जाएगा।
विज्ञापन
मौजूदा नियम के मुताबिक वीवीपीएटी की सभी पर्चियों को गिना नहीं जाता। कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स, 1961 के नियम 56 डी के तहत उम्मीदवार के एजेंट की मांग पर ही रिटर्निंग अधिकारी वीवीपीएटी पर्ची की गिनती करता है।
विज्ञापन
शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक में चुनाव आयोग से इन नियमों को बदलने की मांग की गई थी। लिहाजा, चुनाव आयोग नए नियम के तहत अब वीवीपीएटी की पर्ची को ईवीएम के मतों से मिलान करेगा। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
चुनाव नतीजों की सत्यता साबित करने के लिए ईवीएम की गिनती के अलावा वीवीपीएटी की कागज पर्ची भी सबूत के तौर पर होगी। शुक्रवार को हुई बैठक में ज्यादातर दलों ने वीवीपीएटी मशीन पर जोर दिया था।