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Election 2023: BJP ने इन नेताओं को क्यों बनाया चार राज्यों में चुनाव प्रभारी, समझें सियासी रणनीति
Fri, 07 Jul 2023 06:22 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Fri, 07 Jul 2023 06:22 PM IST
सार
आखिर इन राज्यों में प्रह्लाद जोशी, ओम प्रकाश माथुर, भूपेंद्र यादव और प्रकाश जावड़ेकर को ही क्यों चुनाव प्रभारी बनाया गया? भाजपा की इसमें क्या सियासी रणनीति है? आइए समझते हैं...
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भाजपा ने चार राज्यों में नियुक्त किए चुनाव प्रभारी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चार राज्यों के लिए चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी का एलान कर दिया है। राजस्थान की कमान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को दी गई है। छत्तीसगढ़ में ओम प्रकाश माथुर, मध्य प्रदेश में भूपेंद्र यादव और तेलंगाना में प्रकाश जावड़ेकर को चुनाव प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा राजस्थान छोड़कर बाकी तीनों राज्यों में एक-एक सह प्रभारी की भी नियुक्ति हुई है। राजस्थान में दो सह प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।
सवाल उठता है कि आखिर इन राज्यों में प्रह्लाद जोशी, ओम प्रकाश माथुर, भूपेंद्र यादव और प्रकाश जावड़ेकर को ही क्यों चुनाव प्रभारी बनाया गया? भाजपा की इसमें क्या सियासी रणनीति है? आइए समझते हैं...
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सवाल उठता है कि आखिर इन राज्यों में प्रह्लाद जोशी, ओम प्रकाश माथुर, भूपेंद्र यादव और प्रकाश जावड़ेकर को ही क्यों चुनाव प्रभारी बनाया गया? भाजपा की इसमें क्या सियासी रणनीति है? आइए समझते हैं...
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पहले चुनाव प्रभारियों और सह प्रभारियों की सूची देख लीजिए
राजस्थान
1. प्रह्लाद जोशी (प्रभारी)
2. नितिन पटेल (सह प्रभारी)
3. कुलदीप बिश्नोई (सह प्रभारी)
छत्तीसगढ़
1. ओम प्रकाश माथुर (प्रभारी)
2. डॉ. मनसुख मंडाविया (सह- प्रभारी)
मध्य प्रदेश
1. भूपेंद्र यादव (प्रभारी)
2. अश्विनी वैष्णव (सह- प्रभारी)
तेलंगाना
1. प्रकाश जावड़ेकर (प्रभारी)
2. सुनील बंसल (सह-प्रभारी)
राजस्थान
1. प्रह्लाद जोशी (प्रभारी)
2. नितिन पटेल (सह प्रभारी)
3. कुलदीप बिश्नोई (सह प्रभारी)
छत्तीसगढ़
1. ओम प्रकाश माथुर (प्रभारी)
2. डॉ. मनसुख मंडाविया (सह- प्रभारी)
मध्य प्रदेश
1. भूपेंद्र यादव (प्रभारी)
2. अश्विनी वैष्णव (सह- प्रभारी)
तेलंगाना
1. प्रकाश जावड़ेकर (प्रभारी)
2. सुनील बंसल (सह-प्रभारी)
केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी
- फोटो : twitter.com/JoshiPralhad
अब प्रभारी और सह प्रभारियों के बारे में जान लीजिए
राजस्थान : एक प्रभारी और दो सह प्रभारी बनाए गए
कांग्रेस शासित इस राज्य में भाजपा ने केंद्रीय संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को चुनाव प्रभारी बनाया है। जोशी कर्नाटक के विजयपुर में जन्में जोशी पेशे से उद्योगपति हैं। जोशी ने 1992 से 1994 के दौरान कर्नाटक के हुबली ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराकर अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। 1998 में उन्हें भाजपा धारवाड़ का जिला महासचिव बनाया गया।
इसके तुरंत बाद ही उन्हें जिला अध्यक्ष भी बना दिया गया। 2004 में पहली बार लोकसभा के लिए चुनाव लड़े और कांग्रेस के प्रत्याशी बीएस पाटिल को हराकर सांसद चुन लिए गए। 2009 में दूसरी, 2014 में तीसरी और 2019 में चौथी बार सांसद चुने गए। 2013 में उन्हें कर्नाटक भाजपा का अध्यक्ष भी बनाया गया था। जोशी को इलेक्शन मैनेजमेंट में माहिर माना जाता है। यही कारण है कि जोशी को राजस्थान जैसे बड़े राज्य की जिम्मेदारी दी गई है।
गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल और हरियाणा भाजपा के नेता कुलदीप बिश्नोई को सह प्रभारी बनाया गया है। पटेल ओबीसी समाज से आते हैं और राजस्थान में 50 फीसदी से ज्यादा ओबीसी के वोटर्स हैं। नितिन पटेल ने पीएम मोदी के साथ काम किया है और उनके पास संगठन का काफी अच्छा अनुभव है।
बिश्नोई हरियाणा के पूर्व सीएम चौधरी भजनलाल के पुत्र हैं। बिश्नोई लंबे समय तक कांग्रेस में रहे हैं। ऐसे में संभव है कि बिश्नोई के जरिए भाजपा राजस्थान कांग्रेस के नेताओं को पार्टी में लाने की कोशिश करे। हरियाणा के हिसार और आसपास के जिलों में उनके परिवार का अच्छा प्रभाव है। इन जिलों की सीमा राजस्थान से भी लगती है। इन इलाकों में भी भाजपा को फायदा मिल सकता है।
राजस्थान : एक प्रभारी और दो सह प्रभारी बनाए गए
कांग्रेस शासित इस राज्य में भाजपा ने केंद्रीय संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को चुनाव प्रभारी बनाया है। जोशी कर्नाटक के विजयपुर में जन्में जोशी पेशे से उद्योगपति हैं। जोशी ने 1992 से 1994 के दौरान कर्नाटक के हुबली ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराकर अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। 1998 में उन्हें भाजपा धारवाड़ का जिला महासचिव बनाया गया।
इसके तुरंत बाद ही उन्हें जिला अध्यक्ष भी बना दिया गया। 2004 में पहली बार लोकसभा के लिए चुनाव लड़े और कांग्रेस के प्रत्याशी बीएस पाटिल को हराकर सांसद चुन लिए गए। 2009 में दूसरी, 2014 में तीसरी और 2019 में चौथी बार सांसद चुने गए। 2013 में उन्हें कर्नाटक भाजपा का अध्यक्ष भी बनाया गया था। जोशी को इलेक्शन मैनेजमेंट में माहिर माना जाता है। यही कारण है कि जोशी को राजस्थान जैसे बड़े राज्य की जिम्मेदारी दी गई है।
गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल और हरियाणा भाजपा के नेता कुलदीप बिश्नोई को सह प्रभारी बनाया गया है। पटेल ओबीसी समाज से आते हैं और राजस्थान में 50 फीसदी से ज्यादा ओबीसी के वोटर्स हैं। नितिन पटेल ने पीएम मोदी के साथ काम किया है और उनके पास संगठन का काफी अच्छा अनुभव है।
बिश्नोई हरियाणा के पूर्व सीएम चौधरी भजनलाल के पुत्र हैं। बिश्नोई लंबे समय तक कांग्रेस में रहे हैं। ऐसे में संभव है कि बिश्नोई के जरिए भाजपा राजस्थान कांग्रेस के नेताओं को पार्टी में लाने की कोशिश करे। हरियाणा के हिसार और आसपास के जिलों में उनके परिवार का अच्छा प्रभाव है। इन जिलों की सीमा राजस्थान से भी लगती है। इन इलाकों में भी भाजपा को फायदा मिल सकता है।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव
- फोटो : सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश: भूपेंद्र को कमान
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को भाजपा ने मध्य प्रदेश का चुनाव प्रभारी बनाया है। भूपेंद्र राजस्थान के रहने वाले हैं। मोदी कैबिनेट में अभी वह श्रम एवं रोजगार मंत्री हैं। भूपेंद्र आरएसएस के स्वयंसेवी रहे हैं। संगठन में भूपेंद्र यादव की अच्छी पकड़ है। इसके अलावा संघ से जुड़े होने के नाते उन्हें स्वयंसेवियों की भी अच्छी मदद मिल जाती है। 2013 में भूपेंद्र राजस्थान, 2017 में गुजरात, 2014 झारखंड और 2017 यूपी चुनाव में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं।
भूपेंद्र यादव के साथ केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सह प्रभारी बनाया गया है। यूं तो अश्विनी के पास राजनीतिक का ज्यादा अनुभव नहीं है, लेकिन वह प्रशासन के मामले में बड़े खिलाड़ी मानते जाते हैं। अफसर से नेता बने अश्विनी वैष्णव अपने प्रभासनिक अनुभवों के जरिए भी मध्य प्रदेश में बड़ा उलटफेर कर सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को भाजपा ने मध्य प्रदेश का चुनाव प्रभारी बनाया है। भूपेंद्र राजस्थान के रहने वाले हैं। मोदी कैबिनेट में अभी वह श्रम एवं रोजगार मंत्री हैं। भूपेंद्र आरएसएस के स्वयंसेवी रहे हैं। संगठन में भूपेंद्र यादव की अच्छी पकड़ है। इसके अलावा संघ से जुड़े होने के नाते उन्हें स्वयंसेवियों की भी अच्छी मदद मिल जाती है। 2013 में भूपेंद्र राजस्थान, 2017 में गुजरात, 2014 झारखंड और 2017 यूपी चुनाव में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं।
भूपेंद्र यादव के साथ केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सह प्रभारी बनाया गया है। यूं तो अश्विनी के पास राजनीतिक का ज्यादा अनुभव नहीं है, लेकिन वह प्रशासन के मामले में बड़े खिलाड़ी मानते जाते हैं। अफसर से नेता बने अश्विनी वैष्णव अपने प्रभासनिक अनुभवों के जरिए भी मध्य प्रदेश में बड़ा उलटफेर कर सकते हैं।
ओम प्रकाश माथुर
छत्तीसगढ़: माथुर को बनाया गया चुनाव प्रभारी, मंडाविया होंगे सह प्रभारी
छत्तीसगढ़ के चुनाव प्रभारी बनाए गए ओम प्रकाश माथुर राजस्थान के रहने वाले हैं। वर्तमान में वे राजस्थान से ही राज्यसभा के सांसद है। इससे पहले वे राजस्थान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। माथुर के लिए छत्तीसगढ़ पुराना नहीं है। वह पिछले साल ही छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी बनाए गए थे।
इसके पहले ओमप्रकाश माथुर उत्तर प्रदेश, गुजरात व महाराष्ट्र के प्रभारी भी रह चुके हैं। माथुर के पास संगठन और संघ का अच्छा अनुभव है। यही कारण है कि भाजपा ने छत्तीसगढ़ की कमान ओम प्रकाश माथुर को सौंप दी है।
माथुर के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को सह प्रभारी बनाया गया है। मंडाविया के पास भी संगठन और सरकार का लंबा अनुभव है। गुजरात से राज्यसभा के सांसद मंडाविया 2002 में पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद से वह कई अहम पदों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
छत्तीसगढ़ के चुनाव प्रभारी बनाए गए ओम प्रकाश माथुर राजस्थान के रहने वाले हैं। वर्तमान में वे राजस्थान से ही राज्यसभा के सांसद है। इससे पहले वे राजस्थान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। माथुर के लिए छत्तीसगढ़ पुराना नहीं है। वह पिछले साल ही छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी बनाए गए थे।
इसके पहले ओमप्रकाश माथुर उत्तर प्रदेश, गुजरात व महाराष्ट्र के प्रभारी भी रह चुके हैं। माथुर के पास संगठन और संघ का अच्छा अनुभव है। यही कारण है कि भाजपा ने छत्तीसगढ़ की कमान ओम प्रकाश माथुर को सौंप दी है।
माथुर के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को सह प्रभारी बनाया गया है। मंडाविया के पास भी संगठन और सरकार का लंबा अनुभव है। गुजरात से राज्यसभा के सांसद मंडाविया 2002 में पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद से वह कई अहम पदों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर
- फोटो : ANI
तेलंगाना : प्रकाश जावड़ेकर को मिली कमान, सुनील बंसल सह प्रभारी
दक्षिण में इकलौते राज्य कर्नाटक को हारने के बाद भाजपा की नजर तेलंगाना पर है। यहां पार्टी ने पूरा जोर लगा दिया है। यही कारण है कि राज्य में भाजपा ने दो दिग्गज नेताओं को चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को चुनाव प्रभारी बनाया गया है। महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाले जावड़ेकर के पास भी सरकार चलाने से लेकर संगठन संभालने तक का अच्छा अनुभव है। वहीं, सुनील बंसल को सह प्रभारी बनाया गया है। बंसल यूपी और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों के प्रभारी रह चुके हैं। बंसल के पास संगठन के विस्तार और मजबूत करने का अच्छा अनुभव है।
दक्षिण में इकलौते राज्य कर्नाटक को हारने के बाद भाजपा की नजर तेलंगाना पर है। यहां पार्टी ने पूरा जोर लगा दिया है। यही कारण है कि राज्य में भाजपा ने दो दिग्गज नेताओं को चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को चुनाव प्रभारी बनाया गया है। महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाले जावड़ेकर के पास भी सरकार चलाने से लेकर संगठन संभालने तक का अच्छा अनुभव है। वहीं, सुनील बंसल को सह प्रभारी बनाया गया है। बंसल यूपी और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों के प्रभारी रह चुके हैं। बंसल के पास संगठन के विस्तार और मजबूत करने का अच्छा अनुभव है।