शिवसेना का नया दांव, आदित्य की जगह एकनाथ को चुना विधायक दल का नेता
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एकनाथ शिंदे को गुरुवार को सदन में शिवसेना का नेता चुना गया। उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी नेता आदित्य ठाकरे ने रखा था। खुद ठाकरे का नाम भी इस पद के लिए चर्चा में था। पार्टी दफ्तर सेना भवन में नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में शिंदे के नाम की घोषणा की गई।
Eknath Shinde has been elected Shiv Sena's legislative party leader https://t.co/CbazTo45aN
— ANI (@ANI) October 31, 2019विज्ञापन
पार्टी सूत्रों ने बताया कि पार्टी प्रमुख और आदित्य के पिता उद्धव ठाकरे अपने बेटे को शिवसेना विधायक दल का प्रमुख बनाए जाने के इच्छुक नहीं थे। वहीं आदित्य ठाकरे समेत शिवसेना नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने गुरुवार को राजभवन जाएगा। शिवसेना के एक नेता ने बताया कि मुलाकात शाम छह बजे के बाद होगी। हालांकि प्रतिनिधिमंडल, असमय वर्षा से हुए किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए तुरंत मुआवजा दिए जाने की मांग करेगा। प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों में महाराष्ट्र के मंत्री एकनाथ शिंदे भी शामिल होंगे, जिन्हें आज विधानसभा में पार्टी का नेता चुना गया है।उनके अलावा सुभाष देसाई भी शामिल होंगे।
बता दें कि एकनाथ शिंदे इससे पहले भी पार्टी विधायक दल के नेता थे साथ ही फडणवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। ये ठाणे के कोपरी-पंचपखाड़ी निर्वाचन क्षेत्र से फिर विधायक चुने गए हैं। वह इस विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार 2004, 2009 और 2014 में शिवसेना के टिकट पर विधायक चुने गए हैं।
विधायक चुने जाने से पहले एकनाथ शिंदे ठाणे महानगर पालिका में दो बार के कार्यकाल तक नगर सेवक रहे। इसके अलावा तीन साल तक पॉवरफुल स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य रहे।
शिवसेना ने नरमी नहीं बरती हैं: संजय राउत
वहीं बैठक से पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने भाजपा के प्रति उनकी पार्टी के रुख में नरमी की खबरों को अफवाह बताया है। राउत ने कहा है कि शिवसेना के इस रुख में नरमी के लेकर मीडिया के एक वर्ग में आईं खबरें अफवाह हैं।
उन्होंने गुरुवार को ट्वीट किया कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि शिवसेना के रुख में नरमी आई है, उसने समझौता कर लिया है और सत्ता में पदों के वितरण में बराबरी की हिस्सेदारी की मांग त्याग दी है। यह सब अफवाह है। यह जनता है जो सब कुछ जानती है। (भाजपा और शिवसेना के बीच) जो कुछ भी तय हुआ था वह होगा।
शिवसेना में फूट की खबरें निराधार
उन्होंने शिवसेना में संभावित फूट की खबरों को भी निराधार बताया। राउत ने कहा कि जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि शिवसेना के 23 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं तो वे शायद आदित्य ठाकरे का नाम लेना भूल गए होंगे... और वे केवल 23 विधायकों का नाम ही क्यों ले रहे हैं, पूरे 56 विधायकों के नाम क्यों नहीं ले रहे।
आरपीआई नेता और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि महायुती (भाजपा-शिवसेना) को स्पष्ट बहुमत मिला है। कल देवेंद्र फडणवीस भाजपा के विधायक दल के नेता चुने गए। हमने सीएम के लिए उनके नाम के समर्थन का फैसला किया है, वही रेस में सबसे आगे हैं।