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6 साल बाद जेल से रिहा हुए मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मुबारक

Fri, 24 Mar 2017 08:36 PM IST
amarujala.com- Submitted by : मोहित
amarujala.com- Submitted by : मोहित Updated Fri, 24 Mar 2017 08:36 PM IST
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Egypt's toppled dictator Hosni Mubarak freed after 6 years in custody
पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक (फाइल फोटो)

अपने तीन दशक के शासनकाल में भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को छह साल बाद काहिरा के सैन्य अस्पताल से रिहा कर दिया गया है। मुबारक के वकील फरीद अल-दीब ने यह जानकारी देते हुए कहा कि वह अब हेलियोपोलिस स्थित अपने आवास पर पहुंच गए हैं। एक सैन्य परेड में पूर्व राष्ट्रपति अनवर सादात को मारकर 1981 में मुबारक ने सत्ता हासिल की थी।

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वर्ष 2011 में अपनी गिरफ्तारी के दो माह बाद वह सत्ता से बेदखल हो गए और तब से अब तक पूर्व राष्ट्रपति का अधिकांश समय अस्पताल में ही बीता। 2012 में एक अदालत ने मुबारक को 239 प्रदर्शनकारियों की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन 2014 में एक अपीली अदालत ने दोबारा मुकदमा शुरू किया। 
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मुबारक प्रशासन के करीब 24 पूर्व अधिकारियों को भी हाल के वर्षों में भ्रष्टाचार व प्रदर्शनकारियों की मौत के आरोपों से बरी किया गया है। इस बीच देश में सैकड़ों लोकतंत्र समर्थक मौजूदा राष्ट्रपति अब्दुल-फताह अल सीसी के खिलाफ भी सामने आए हैं।

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सिर्फ एक साल तक ही चला लोकतंत्र

Egypt's toppled dictator Hosni Mubarak freed after 6 years in custody

88 वर्षीय होस्नी मुबारक को 2011 की क्रांति के दौरान प्रदर्शनकारियों को मारने का आदेश देने के आरोपों के चलते दक्षिण काहिरा के मादी सैन्य अस्पताल में हिरासत में रखा गया था। प्रदर्शनकारियों ने तहरीर चौक से मुबारक की 30 साल की सत्ता को चुनौती दी थी।

उस समय मिस्र में 18 दिन तक चले प्रदर्शन में 850 लोग पुलिस संघर्ष में मारे गए थे। उन्हें व उनके दो बेटों को गबन का भी दोषी पाते हुए लाखों डॉलर का जुर्माना लगाया गया था। 2016 में अपीलीय अदालत ने होस्नी मुबारक की सजा को बरकरार रखा लेकिन उस समय पर भी गौर किया जो वह सजा के रूप में बिता चुके थे। 

होस्नी मुबारक को सत्ता से हटाने के बाद देश में पहली बार स्वतंत्र चुनाव हुए जिनमें मुस्लिम ब्रदरहुड ने जीत दर्ज की और मोहम्मद मुर्सी देश के लोकतांत्रिक राष्ट्रपति बने। लेकिन एक साल बाद देश में सैन्य तख्ता पलट हुआ और अब्दुल-फताह अल सीसी मिस्र के राष्ट्रपति बन गए।

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