{"_id":"58addd7a4f1c1b731cb235dc","slug":"efficient-governance-can-lessen-the-burden-of-judiciary-pm","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर रोज एक कानून खत्म करने का वादा किया था, अब तक 1,200 कर दिए: पीएम मोदी","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
हर रोज एक कानून खत्म करने का वादा किया था, अब तक 1,200 कर दिए: पीएम मोदी
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Thu, 23 Feb 2017 02:27 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि कुशल शासन न्यायपालिका के बोझ को कम कर सकता है और उनकी सरकार प्रणाली को साफ करने की प्रक्रिया में लगी है। जस्टिस दलवीर भंडारी द्वारा लिखित एक किताब का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा कि भारत बदलाव की गति को अग्रसर है। इस दौरान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और भारत के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर के साथ अन्य गण्यमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
मोदी ने कहा, ‘हमने 1200 कानूनों को निरस्त कर दिया है। वहां बहुत सारे कानून थे। हम प्रणाली को साफ करने की प्रक्रिया में जुटे हैं ताकि न्यायपालिका के बोझ को कम किया जा सके। कुशल शासन व्यापक स्तर पर न्यायपालिका के बोझ को कम कर सकता है और जब मैं कुशल शासन की बात करता हूं तो मैं इसके कार्यान्वयन प्राधिकरण के लिए कानून के मसौदे को तैयार करने से जुड़े लिंक की ओर देखता हूं।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में देश के विभिन्न पहलुओं में काफी लचीलापन है। हमें दीर्घकालिक दृष्टिकोण से चीजों को बनाने पर जोर है। मोदी ने यह भी कहा कि भारत के लोग काफी पारंपरिक है लेकिन अब उनमें तेजी से बदलाव आ रहा है। प्रौद्योगिकी ने बड़े बदलाव किए हैं और इसे दिमाग में रखकर देश के कानून विश्वविद्यालयों को विकसित किया जाना चाहिए। भारत को बदलती दुनिया के आदेशों के अनुसार खुद को स्थापित करना है। हमें अपनी नीति और नियमों के संबंध में संसाधन से परिपूर्ण बनना है।
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मोदी ने कहा, ‘हमने 1200 कानूनों को निरस्त कर दिया है। वहां बहुत सारे कानून थे। हम प्रणाली को साफ करने की प्रक्रिया में जुटे हैं ताकि न्यायपालिका के बोझ को कम किया जा सके। कुशल शासन व्यापक स्तर पर न्यायपालिका के बोझ को कम कर सकता है और जब मैं कुशल शासन की बात करता हूं तो मैं इसके कार्यान्वयन प्राधिकरण के लिए कानून के मसौदे को तैयार करने से जुड़े लिंक की ओर देखता हूं।’
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प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में देश के विभिन्न पहलुओं में काफी लचीलापन है। हमें दीर्घकालिक दृष्टिकोण से चीजों को बनाने पर जोर है। मोदी ने यह भी कहा कि भारत के लोग काफी पारंपरिक है लेकिन अब उनमें तेजी से बदलाव आ रहा है। प्रौद्योगिकी ने बड़े बदलाव किए हैं और इसे दिमाग में रखकर देश के कानून विश्वविद्यालयों को विकसित किया जाना चाहिए। भारत को बदलती दुनिया के आदेशों के अनुसार खुद को स्थापित करना है। हमें अपनी नीति और नियमों के संबंध में संसाधन से परिपूर्ण बनना है।
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Maine vaada kiya tha mai per day ek kanoon khatam karunga, ab tak 1200 kar chuka hoon: PM Modi pic.twitter.com/t0ClnYMyGd
— ANI (@ANI_news) February 22, 2017