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Education: केरल के शिक्षा मंत्री ने NCERT किताबों में बदलाव की आलोचना की, कहा- संकीर्ण वैचारिक प्रचार ठीक नहीं

Tue, 18 Jun 2024 07:04 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: मेघा झा Updated Tue, 18 Jun 2024 07:04 PM IST
सार

एनसीईआरटी ने पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव किया है। इस बदलाव के बाद से एनसीईआरटी के संशोधन की आलोचना की जा रही है। अब हाल ही में केरल के शिक्षा मंत्री ने कहा है कि पाठ्यपुस्तकों में संकीर्ण वैचारिक स्थिति या किसी आंदोलन का प्रचार नहीं होना चाहिए।
 

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Education: Kerala Education Minister criticized change in NCERT, said- narrow ideological propaganda isnt righ
केरल शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी - फोटो : facebook

विस्तार

राज्य राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) का इस वर्ष पाठ्यक्रमों में किया गया बदलाव चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर कुछ राजनीतिक पार्टी आरोप लगा रही हैं कि एनसीईआरटी आरएसएस की संचालित संस्था के रूप में काम कर रही है, वहीं दूसरी पार्टी आरोप लगा रही है कि शिक्षा का भगवाकरण किया जा रहा है। वहीं एक राजनीतिक पार्टी का आरोप ये भी है कि नीट के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए इस विषय का जानबूझकर उछाला गया है।
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दरअसल एनसीईआरटी ने अपने पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव किया है। बदलावों के साथ नई पाठ्यपुस्तकें बाजार में आई हैं। संशोधित कक्षा 12 की राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में बाबरी मस्जिद का उल्लेख नहीं है, लेकिन इसे "तीन गुंबद वाली संरचना" के रूप में संदर्भित किया गया है। इसमें अयोध्या खंड को चार से घटाकर दो पृष्ठ कर दिया गया है और पहले के संस्करण से विवरण हटा दिया गया है।
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सोमवार को राज्य के एलएसजीडी मंत्री एमबी राजेश ने भी एनसीईआरटी के संशोधनों को सरकार की सभी प्रणालियों को सांप्रदायिक बनाने की चाल करार दिया और कहा कि ऐसे प्रयासों के खिलाफ सामूहिक लड़ाई जारी रखने की जरूरत है। हालांकि एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा था कि गुजरात दंगों और बाबरी मस्जिद विध्वंस के संदर्भों को स्कूली पाठ्यपुस्तकों में संशोधित किया गया। क्योंकि दंगों के बारे में पढ़ाने से "हिंसक और उदास नागरिक पैदा हो सकते हैं।" उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तकों में किए गए बदलाव वार्षिक संशोधन का हिस्सा हैं और इस पर शोर-शराबा नहीं होना चाहिए। हमें स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में दंगों के बारे में क्यों पढ़ाना चाहिए? हम सकारात्मक नागरिक बनाना चाहते हैं, न कि हिंसक और उदास व्यक्ति।" 
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केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने मंगलवार को एनसीईआरटी द्वारा स्कूली पाठ्यपुस्तकों में हाल ही में किए गए विवादास्पद संशोधनों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तकों में संकीर्ण वैचारिक स्थिति या किसी आंदोलन का प्रचार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी द्वारा बाबरी मस्जिद विध्वंस और अयोध्या सहित विभिन्न भागों में किए गए परिवर्तनों को स्वीकार नहीं करते है। उन्होंने कहा कि बच्चों को वास्तविक इतिहास और विज्ञान पढ़ाया जाना चाहिए। केरल ने हमेशा इस रुख को बरकरार रखा है और लागू किया है। उन्होंने कहा, "पाठ्यपुस्तकों में संकीर्ण वैचारिक स्थिति या किसी आंदोलन का प्रचार नहीं होना चाहिए।" 


मंत्री वी शिवनकुट्टी ने अतीत में एनसीईआरटी द्वारा अपनी कुछ पाठ्यपुस्तकों में किए गए पहले के विवादास्पद परिवर्तनों को याद करते हुए कहा कि कैसे राज्य सरकार ने इसके द्वारा छोड़े गए हिस्सों को शामिल करते हुए समानांतर पाठ्यपुस्तकें निकाली थीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस विश्वास के आधार पर समानांतर पाठ्यपुस्तकें तैयार की हैं कि शिक्षा को केरल की सांस्कृतिक विरासत, धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण और प्रगतिशील मानसिकता के अनुसार आकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य द्वारा प्रकाशित ये पाठ्यपुस्तकें देश और राज्य की सामाजिक-सांस्कृतिक विशेषताओं को दर्शाती हैं और राष्ट्र के संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि शिक्षा क्षेत्र में केरल द्वारा किया गया अनूठा हस्तक्षेप देश में धर्मनिरपेक्ष समाज के लिए आशा का स्रोत है।
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