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ED ने रोटोमैक की 177 करोड़ रुपये की संपत्ति की जब्त, 2919 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 30 May 2018 02:30 AM IST
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प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने बैंकों से धोखाधड़ी के मामले में मंगलवार को रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेटलिमिटेड और उसके निदेशकों की धन शोधन कानून के तहत 177 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली। रोटोमैक पर सात बैंकों का 3695 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है। ईडी द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में आरोप लगाए गए हैं कि रोटोमैक समूह ने धोखाधड़ी करके 2919 करोड़ का कर्ज बैंकों से लिया।
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कानपुर, देहरादून, अहमदाबाद, गांधीनगर और मुंबई स्थित संपत्तियां जब्त
इनमें बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक और ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स शामिल हैं। ब्याज मिलाकर ये रकम 3695 करोड़ रुपये पहुंच गई। आयकर विभाग और सीबीआई की कार्रवाई के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 18 फरवरी कोरोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और उसके प्रमोटर विक्रम कोठारी, उनकी पत्नी साधना कोठारी और बेटे राहुल के खिलाफ धन शोधन कानून के तहत मामला दर्ज किया था।
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सीबीआई ने दिल्ली मुकदमा दर्ज करने के बाद कानपुर में छापेमारी की थी। इसमें मेसर्स रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लि. कानपुर के अलावा इसके तीनों निदेशकों और अज्ञात बैंक अधिकारियों को नामजद किया गया है। पीएमएलए की जांच में सामने आयाकि आरोपी बिना किसी वास्तविक व्यापार लेनदेन के बैंकों की धनराशि से भुगतान करते, निकालते और इधर-उधर ठिकाने लगाते थे।
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रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड सीमित संख्या में व्यापारियों और विक्रेताओं के साथ ऐसे व्यापार में शामिल है। वह विदेशी लाभार्थियों से छूट प्राप्त एलसी (क्रेडिट ऑफ क्रेडिट) राशि वापस लेता था। इसमें डेढ़ से 2 प्रतिशत कमीशन काट कर सीधे रोटोमैक समूह की कंपनियों खातों में भेज दिया जाता था या फिर विक्रम कोठारी द्वारा नियंत्रित विदेशी कंपनियों के खातों में डाल दिया जाता था। छूट प्राप्त एलसी राशि इसके बाद फर्म द्वारा अन्य व्यवसायिक गतिविधियों जैसे एफडीआर (सावधि जमा रसीद), लौह अयस्क खरीद और अचल संपत्ति में निवेश के लिए उपयोग लाया गया।
बयान में ईडी ने कहा है कि इस बैंक धोखाधड़ी की पूरी कार्य-प्रणाली अभियुक्त के नकली मर्चेंटिंग व्यापार की नींव पर टिकी थी। प्राथमिक जांच के बाद रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों की कानपुर, देहरादून, अहमदाबाद गांधीनगर और मुंबई स्थित 177 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया गया। इन संपत्तियों की पहचान पहले ही एजेंसियों द्वारा कर ली गई थी।