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ED: अधिकारियों की मिलीभगत से राजस्व रिकॉर्ड में धोखाधड़ी, बेच दी सरकारी जमीन; जुटाई 6.45 करोड़ की आपराधिक आय
Mon, 01 Sep 2025 05:24 PM IST
ज्योति भास्कर
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 01 Sep 2025 05:24 PM IST
सार
ईडी की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अधिकारियों की मिलीभगत से राजस्व रिकॉर्ड में धोखाधड़ी और छेड़छाड़ के बाद सरकारी जमीन बेच दी गई। ऐसे गैरकानूनी कृत्यों को अंजाम देकर 6.45 करोड़ की आपराधिक आय भी जुटाई गई। एजेंसी ने मामले की जांच के दौरान संपत्तियों को कुर्क किया है। जानिए पूरा मामला
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने 28/08/2025 को पीएमएलए, 2002 के तहत मोहम्मद मुनव्वर खान और उनकी पत्नी फैका ताहा खान की 4.80 करोड़ रुपये (लगभग) की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह संपत्तियां खादर उनिसा और अन्य के खिलाफ धन शोधन के एक मामले में कुर्क की गई हैं। कुर्क की गई संपत्तियां बंजारा हिल्स, टोलीचौकी और शमशाबाद में स्थित हैं।
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सरकारी जमीन/भूदान की जमीन पर खादर उनिसा और उनके बेटे मोहम्मद मुनव्वर खान ने पैतृक संपत्ति के रूप में झूठा दावा किया था। इसके बाद अधिकारियों की मिलीभगत से राजस्व रिकॉर्ड में धोखाधड़ी कर सरकारी जमीन को बेच दिया गया। प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, इससे आरोपियों को 6.45 करोड़ रुपये की 'अपराध की आय' हुई।
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ईडी ने महेश्वरम पुलिस स्टेशन द्वारा 13.01.2023 को दर्ज एफआईआर संख्या 83/2023 के आधार पर निजी व्यक्तियों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ दस्तावेजों की जालसाजी और सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर से जुड़ी सरकारी जमीन की अवैध बिक्री के संबंध में उक्त मामले की जांच शुरू की थी।
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केंद्रीय जांच एजेंसी- ईडी की जांच से पता चला है कि सर्वे नंबर 181, नगराम गांव, महेश्वरम मंडल में स्थित सरकारी जमीन/भूदान की जमीन पर खादर उनिसा और उनके बेटे मोहम्मद मुनव्वर खान ने पैतृक संपत्ति के रूप में झूठा दावा किया था। आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव कराकर जमीन को अपने नाम करा लिया।
इसके बाद जमीन के टुकड़ों को बिचौलियों के साथ मिलकर कई पार्टियों को बेच दिया गया था। इन बिचौलियों ने कुछ सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके दस्तावेजों में जालसाजी की थी।
धोखाधड़ी से भूमि राजस्व रिकॉर्ड बदल दिए गए। इसके परिणामस्वरूप उक्त भूमि को निषिद्ध सूची से हटा दिया गया। बाद में कुछ निजी पार्टियों को बेच दिया गया। सरकारी जमीन/भूदान की जमीन को अवैध रूप से बेचकर, खादर उनिसा और उनके बेटे मोहम्मद मुनव्वर खान ने अवैध रूप से 6.45 करोड़ रुपये की अपराध आय (पीओसी) हासिल की। मामले में आगे की जांच जारी है।