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ED: फर्जी एग्रीमेंट/किसान क्रेडिट कार्ड से लिया ऋण, दूसरे काम में लगाया पैसा; लोन का भुगतान नहीं करने पर जांच

Wed, 03 Sep 2025 07:46 PM IST
ज्योति भास्कर डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 03 Sep 2025 07:46 PM IST
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ED Probe Loan through fake agreement KCC money invested in other works investigation on non-payment of loan
ईडी (फाइल) - फोटो : ANI

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), विशाखापत्तनम उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) मछली टैंक ऋण लेकर केनरा बैंक, कंचारपालेम शाखा, विशाखापत्तनम से धोखाधड़ी के एक मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 2.20 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति और 1.36 लाख रुपये मूल्य की चल संपत्ति (कुल 2.22 करोड़ रुपये) अनंतिम रूप से कुर्क की है।

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कुर्क की गई संपत्तियां डोडला वेंकट कृष्ण कुमार और उनकी पत्नी डोडला सुनीता के नाम पर आवासीय फ्लैट, भूखंडों व बैंक बैलेंस के रूप में हैं। उन्होंने केसीसी मछली टैंक ऋण राशि से ये संपत्तियां जुटाई थी। यह लोन देवसनी निर्मला, अदारी चंद्रकला और कोव्वुरी श्रीनिवास ने केनरा बैंक, कंचारपालेम शाखा, विशाखापत्तनम से लिया गया था। ईडी के अनुसार, इसका इस्तेमाल व्यक्तिगत/व्यावसायिक उपयोग के लिए किया गया। 
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ईडी ने आंध्र प्रदेश के मंगलागिरी स्थित सीआईडी मुख्यालय पुलिस स्टेशन द्वारा देवसनी निर्मला, अदारी चंद्रकला, कोव्वुरी श्रीनिवास, डीवीके कुमार और अन्य के खिलाफ आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर उक्त मामले की जांच शुरू की थी।
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एफआईआर और आरोपपत्र में आरोप लगाया गया है कि कोव्वुरी श्रीनिवास और अदारी चंद्रकला ने फर्जी लीज एग्रीमेंट और पासबुक जमा करके क्रमशः 80 लाख रुपये और 2.50 करोड़ रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड (मछली) ऋण प्राप्त किया। देवसनी निर्मला ने भी 2.20 करोड़ रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड (मछली) ऋण लिया और उक्त ऋणों का भुगतान नहीं किया।

ईडी की जांच से पता चला है कि डीवीके कुमार ने उक्त तीनों कर्जदारों को स्वीकृत 5.50 करोड़ रुपये के केसीसी फिश टैंक ऋण में से 4.57 करोड़ रुपये का इस्तेमाल किया। इसमें वह अंतिम लाभार्थी थे। स्वीकृत केसीसी ऋण राशि नकद में निकाली गई और कर्जदारों के खातों से डीवीके कुमार के मित्रों/रिश्तेदारों के खातों में स्थानांतरित की गई।


ऋण राशि का इस्तेमाल डीवीके कुमार ने अपने निजी/व्यावसायिक उपयोग के लिए किया। अपराध की आय का एक हिस्सा डीवीके कुमार ने अपनी पत्नी डोडला सुनीता के नाम पर अचल संपत्तियां अर्जित करने के लिए इस्तेमाल किया। केस में आगे की जांच जारी है।

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