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वसूली कांड: ईडी ने अनिल देशमुख को भेजा एक और समन, 5 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया
Sat, 03 Jul 2021 03:07 PM IST
दीप्ति मिश्रा
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Sat, 03 Jul 2021 03:07 PM IST
सार
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) देशमुख को मामले के जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए तीसरा नोटिस जारी किया गया है। देशमुख से दक्षिण मुंबई में केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय में अपना बयान सोमवार को दर्ज कराने को कहा गया है।
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अनिल देशमुख, फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और अन्य के खिलाफ जारी धनशोधन मामले की जांच के तहत देशमुख को ताजा समन जारी किया। ईडी ने 5 जुलाई को जांच एंजेसी के समक्ष पेश होने को कहा है। खास बात यह है कि एजेंसी ने इसी मामले में उनके बेटे ऋषिकेश देशमुख को भी छह जुलाई को तलब किया है।
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अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) देशमुख को मामले के जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए तीसरा नोटिस जारी किया गया है। देशमुख से दक्षिण मुंबई में केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय में अपना बयान सोमवार को दर्ज कराने को कहा गया है। 72 वर्षीय देशमुख को इससे पहले भी दो समन जारी किए जा चुके हैं, लेकिन वह कोरोना वारयस संक्रमण के खतरे का हवाला देकर पेश नहीं हुए और उन्होंने ईडी के समक्ष वीडियो कांफ्रेंस के जरिये अपना बयान दर्ज कराने का आग्रह किया।
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देशमुख को कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने एवं जबरन वसूली करने वाले रैकेट से जुड़े धनशोधन के एक मामले के संबंध में ईडी ने समन जारी किया है। देशमुख ने इन आरोपों के कारण महाराष्ट्र के गृह मंत्री के पद से इस साल अप्रैल में इस्तीफा दे दिया था।
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ईडी ने पिछले महीने मुंबई और नागपुर में देशमुख, उनके सहयोगियों और अन्य लोगों के परिसरों पर छापे मारे थे, जिसके बाद निदेशालय ने पहला समन जारी किया था। बाद में एजेंसी ने उनके दो सहयोगियों- उनके निजी सचिव संजीव पलांडे और निजी सहायक कुंदन शिंदे को गिरफ्तार कर लिया था। वे 6 जुलाई तक ईडी की हिरासत में हैं।
सूत्रों ने बताया कि ईडी वर्तमान मामले के अलावा देशमुख से कुछ मुखौटा कंपनियों के साथ उनके और उनके परिवार के सदस्यों के कथित संबंधों के बारे में भी पूछताछ करना चाहती है, जिनका इस्तेमाल मुंबई पुलिस व्यवस्था में रिश्वतखोरी के आरोपों के सामने आने से बहुत पहले से ही धन शोधन के लिए किया जा रहा था।
क्या है मामला?
पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने देशमुख पर कम से कम 100 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था, जिसके आधार पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। इसके बाद ईडी ने देशमुख और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि देशमुख ने मुंबई पुलिस के निलंबित सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे को मुंबई के बार और रेस्तरां से एक महीने में 100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूलने को कहा था।
देशमुख ने उनके वकीलों के जरिये एजेंसी को भेजे पत्र में कहा था कि एजेंसी ने 25 जून को यहां उनके परिसरों पर छापेमारी के समय ईडी जांचकर्ताओं के साथ कई घंटे की बातचीत के दौरान उनका बयान पहले ही दर्ज कर लिया है।