मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वाड्रा से आज फिर होगी पूछताछ, छठी बार ईडी ने बुलाया
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कांग्रेस पार्टी की महासचिव और पूर्वी उत्तरप्रदेश की पार्टी प्रभारी प्रियंका गांधी के पति राबर्ट वाड्रा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंगलवार को पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने दोबारा समन भेजा था। लेकिन बमारी के कारण वह पेश नहीं हो पाए।
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कांग्रेस पार्टी की महासचिव और पूर्वी उत्तरप्रदेश की पार्टी प्रभारी प्रियंका गांधी के पति राबर्ट वाड्रा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंगलवार को पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने दोबारा समन भेजा था। लेकिन बमारी के कारण वह पेश नहीं हो पाए।
वाड्रा के वकील केटीएस तुल्सी ने कहा, "रॉबर्ट वाड्रा आज सुनवाई के लिए पेश नहीं हो पाए जिसके लिए ईडी ने उन्हें समन भेजा था। क्योंकि उन्हें बीती रात से फूड पॉइजनिंग हो गई है। जिसके कारण उन्हें मतली और दस्त हो गए हैं।"
जांच एजेंसी का कहना है कि फिलहाल वाड्रा 2 मार्च तक अंतरिम जमानत पर बाहर हैं। दिल्ली के जामनगर स्थित एजेंसी के ऑफिस में वह पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं कर रहे थे।
बीते हफ्ते एजेंसी ने जमीन विवाद के एक अन्य मामले में वाड्रा से दो बार जयपुर में पूछताछ की थी। उनकी मां मॉरीन भी उनके साथ थीं। लेकिन संक्षिप्त कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद उन्हें जाने की अनुमति दे दी गई थी।
वाड्रा ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत अर्जी दायर की थी। यह मामला लंदन में 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर पर 19 लाख पाउंड (ब्रिटिश पाउंड) की संपत्ति की खरीद में कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है। यह संपत्ति कथित तौर पर रॉबर्ट वाड्रा की है।
दिल्ली में इसी मामले में एजेंसी ने वाड्रा से तीन बार पूछताछ की। जहां एजेंसी ने उनसे संपत्ति, निवेश और आय का विवरण मांगा था। माना जा रहा है कि पिछली बार पूछताछ के दौरान वाड्रा का 'सामना' उन दस्तावेजों से कराया गया जो एजेंसी ने मामले की जांच के दौरान हासिल या जब्त किए हैं। उनमें फरार रक्षा डीलर संजय भंडारी से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हैं।
फिलहाल जांच एजेंसी का कहना है कि आयकर विभाग फरार हथियार कारोबारी संजय भंडारी के खिलाफ काला धन कानून और कर कानून के तहत दर्ज मामलों की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि उसके संबंध वाड्रा के करीबी मनोज अरोड़ा के साथ हैं।
जब अरोड़ा से पूछताछ हुई तो जांच एजेंसी को कई ऐसी बातें पता चलीं जिसका अप्रत्यक्ष जुड़ाव वाड्रा के साथ पाया गया। यह आरोप है कि भंडारी ने 19 लाख पाउंड में जो प्रोपर्टी खरीदी थी, उस पर 65900 पाउंड खर्च करने के बाद उसे उतनी ही रकम में वाड्रा काे बेच दिया गया।
इससे साफ हो गया कि भंडारी इस संपत्ति का वास्तविक मालिक नहीं था। उसने वाड्रा को फायदा पहुंचाने के लिए यह सौदा किया था। 30 अप्रैल, 2016 के पूछताछ में भंडारी ने वाड्रा की 2012 में फ्रांस यात्रा को लेकर भी खुलासा किया था।
जब भंडारी से फ्रांस की टिकट के खरीदने को लेकर सवाल पूछा गया तो उसने कहा कि "जहां तक मुझे याद है कि इसे खरीदा गया था, लेकिन मुझे याद नहीं है कि भुगतान कैसे और किसने किया।"
जांच एजेंसी वाड्रा से लंदन स्थित 9 संपत्ति को लेकर पूछताछ कर चुकी है। जिन्हें गैरकानूनी तरीके से यूपीए सरकार के कार्यकाल में खरीदा गया था। इन संपत्ति की कीमत 12 मिलियन पाउंड यानि 110 करोड़ से भी अधिक है।
अदालत ने गिरफ्तारी पर रोक की अवधिबढ़ाई
वाड्रा के वकील ने अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग की क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय ने अग्रिम जमानत याचिका पर जवाब देने के लिए अधिक समय का आग्रह किया था। विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई वाड्रा की अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि अगली सुनवाई तक उन्हें गिरफ्तारी से बचाव की राहत मिलती रहेगी।
अदालत ने वाड्रा के करीबी एवं मामले के सह आरोपी मनोज अरोड़ा की गिरफ्तारी पर भी अगली सुनवाई यानी दो मार्च तक रोक लगा दी है। निदेशालय ने वाड्रा की जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत से कहा कि इस मामले में उन्हें वाड्रा से पूछताछ करने की जरूरत है। निदेशालय ने यह भी बताया कि वाड्रा को पूछताछ के लिए मंगलवार को तलब किया गया है।
ईडी की तरफ से पेश हुए विशेष लोक अभियोजक डी पी सिंह एवं अधिवक्ता नीतेश राणा ने बताया, "वाड्रा सहयोग नहीं कर रहे हैं और गोलमाल जवाब दे रहे हैं।" हालांकि वाड्रा का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि जब भी बुलाया गया या जब भी जरूरत पड़ी वह पूछताछ के लिए आने के लिए तैयार रहे।
अदालत ने कहा था, "वकील ने बताया है कि रॉबर्ट वाड्रा जांच में शामिल हो चुके हैं और जांच के दौरान सहयोग कर रहे हैं। वकील ने कहा है कि याचिकाकर्ता (वाड्रा) जांच में शामिल होंगे और जब कभी जांच अधिकारी जांच में शामिल होनें को कहेंगे, वह शामिल होंगे और सहयोग करने को तैयार हैं। तथ्यों पर परिस्थतियों के अनुसार याचिकाकर्ता को आदेश दिया जाता है कि जब कभी जांच अधिकारी जांच में शामिल होने को कहें, वह इसके लिए तैयार रहें।'
विशेष लोक अभियोजक डी पी सिंह ने अदालत को बताया कि वाड्रा जहां कहीं जाते हैं एक 'बारात' उनके साथ चलती है चाहे वह एजेंसी के दफ्तर जाते हों या अदालत आते हों। उन्होंने मीडिया की ओर इशारा करते हुए, "कुछ लोग हमेशा 'बारात' लेकर चलते हैं, वाड्रा उनमें से एक हैं।"
वकील ने आरोप लगाया कि वाड्रा मामले के बारे में लिखने एवं उसे उछालने के लिए फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। वाड्रा ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका में आरोप लगाया कि वह अवांछित, अन्यायपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण अपराधिक अभियोजन का सामना कर रहे हैं जो कि पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और कानून के तहत निर्धारित कारणों से इतर है।
याचिका में कहा गया है कि वाड्रा के कार्यालय पर सात दिसंबर, 2018 को छापा मारा गया इसलिए उन्हें गंभीर आशंका है कि उनकी स्वतंत्रता को जांच एजेंसी द्वारा कमतर किया जा सकता है।
एजेंसी ने इससे पहले कहा था कि उसे लंदन में वाड्रा की विभिन्न नई संपत्तियों के बारे में सूचना मिली है। इसमें 40 एवं 50 लाख पाउंड के दो घर, छह अन्य फ्लैट एवं अन्य संपत्तियां शामिल हैं।