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ED: निवेशकों को फंसाकर 792 करोड़ रुपये की ठगी की; अपने लिए खरीदा विमान, कैसीनो में लगाया पैसा
Sat, 02 Aug 2025 11:56 AM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 02 Aug 2025 11:56 AM IST
सार
जांच से पता चला है कि अमरदीप कुमार इस घोटाले का मास्टरमाइंड था। उसने निवेशकों से जमा राशि प्राप्त करने के लिए फाल्कन इनवॉइस ऐप विकसित किया था। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इस ऐप का गूगल, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से विज्ञापन किया गया था।
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ED
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने मेसर्स कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड के अमरदीप कुमार और अन्य के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 30.07.2025 को 18.14 करोड़ रुपये मूल्य की बारह अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। ईडी ने आर्थिक अपराध शाखा, साइबराबाद द्वारा दर्ज तीन एफआईआर के आधार पर मेसर्स कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड (फर्जी इनवॉइस डिस्काउंटिंग स्कीम चलाने के लिए जिम्मेदार हैदराबाद स्थित कंपनी), अमरदीप कुमार और अन्य के खिलाफ जांच शुरू की थी।
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ईडी के मुताबिक, इन एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि अमरदीप कुमार, कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य ने अपने निवेश पर उच्च रिटर्न का झांसा देकर भोले-भाले निवेशकों को धोखा दिया। ईडी की जाँच से पता चला है कि मेसर्स कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड ने 'फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग स्कीम' के नाम और तरीके से निवेशकों को इनवॉइस डिस्काउंटिंग के लिए धनराशि उपलब्ध कराने के बहाने फंसाया। इसके बदले में डिस्काउंट किए गए इनवॉइस पर रिटर्न का वादा किया गया। हालांकि वे अपनी निवेशित राशि वापस नहीं कर पाए।
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जांच से पता चला है कि अमरदीप कुमार इस घोटाले का मास्टरमाइंड था। उसने निवेशकों से जमा राशि प्राप्त करने के लिए फाल्कन इनवॉइस ऐप विकसित किया था। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इस ऐप का गूगल, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से विज्ञापन किया गया था। ईडी की जांच से पता चला है कि वास्तव में, इनवॉइस डिस्काउंटिंग का कोई कारोबार नहीं किया गया था। आरोपियों ने निवेशकों से लगभग 792 करोड़ रुपये की ठगी की।
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ईडी की जांच से यह भी पता चला है कि घोटाले के माध्यम से आरोपियों द्वारा अर्जित अपराध की आय (पीओसी) का उपयोग कई कंपनियों के इक्विटी शेयरों में निवेश, कंपनियों को ऋण, एक विमान की खरीद, कैसीनो में प्रत्यक्ष उपभोग, अमरदीप कुमार और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर अचल संपत्तियों की खरीद आदि के रूप में किया गया था।
कुर्क की गई अचल संपत्तियां अमरदीप कुमार, उनके परिवार के सदस्यों, मेसर्स रेट हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स रेट हर्बल प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं। ईडी ने इससे पहले 07.03.2025 को तलाशी अभियान चलाया था और एक निजी जेट 'हॉकर 800ए' जब्त किया था, जिसे मुख्य आरोपी अमरदीप कुमार ने पीओसी से खरीदा था।