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PMLA Court: व्यवसायी को दोषी बताने वाले दस्तावेज पेश नहीं कर पाई ईडी; कोर्ट ने गिरफ्तारी को अवैध करार दिया

Thu, 25 Jul 2024 11:26 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: बशु जैन Updated Thu, 25 Jul 2024 11:26 PM IST
सार

पालघर स्थित एक कपड़ा कंपनी के प्रोपराइटर और कारोबारी पुरुषोत्तम मंधाना को ईडी ने 19 जुलाई को 975 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया था। विशेष अदालत ने व्यवसायी को 25 जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेजा था। गुरुवार को विशेष पीएमएलए अदालत में व्यवसायी को पेश किया गया। 

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ED fails to provide copy of reasons to believe to businessman court calls his arrest illegal
court room - फोटो : ANI

विस्तार

मनी लॉड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए गए 70 वर्षीय व्यवसायी को दोषी बताने वाले दस्तावेज पेश करने में ईडी फेल रही। विशेष पीएमएलए अदालत ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान ईडी की गिरफ्तारी को अवैध करार दिया। कोर्ट ने ईडी ओर से की गई व्यवसायी की हिरासत बढ़ाने की मांग को खारिज करते हुए उसे रिहा करने के लिए कहा।

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पालघर स्थित एक कपड़ा कंपनी के प्रोपराइटर और कारोबारी पुरुषोत्तम मंधाना को ईडी ने 19 जुलाई को 975 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया था। विशेष अदालत ने व्यवसायी को 25 जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेजा था। गुरुवार को विशेष पीएमएलए अदालत में व्यवसायी को पेश किया गया। इस दौरान ईडी ने व्यवसायी की रिमांड बढ़ाने की मांग की। जबकि मंधाना के वकील ने गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए कहा कि ईडी अब तक व्यवसायी को दोषी बताने वाला कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सकी है। 
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मामले की सुनवाई के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के विशेष न्यायाधीश एसी दग्गा ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार करने के कारण का कोई दस्तावेज अब तक नहीं मिला है। इसकी प्रति भी आरोपी को मुहैया नहीं कराई गई। इस पर ईडी की ओर से कहा गया कि व्यवसायी की रिमांड के दौरान एक सीलबंद लिफाफे में व्यवसायी को दोषी बताने वाले दस्तावेज पेश किए गए थे। इसमें कुछ दस्तावेज गोपनीय जानकारी से जुड़े थे, इसलिए आरोपी को नहीं दिए गए। 
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इस पर विशेष न्यायाधीश ने अरविंद केजरीवाल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि दस्तावेज आरोपी को दिखाने और न दिखाने पर विचार करने और निर्णय लेने का काम अदालत का है। ईडी की ओर से ऐसा कोई आवेदन भी नहीं दिया गया है, जिससे यह तय किया जा सके कि आरोपी से क्या और क्यों छिपाना है? ऐसे तर्क कोर्ट में स्वीकार नहीं होंगे। कोर्ट ने आरोपी की गिरफ्तारी को अवैध मानते हुए कहा कि रिमांड मान्य नहीं है और आरोपी को रिहा किया जाना चाहिए। 


सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
12 जुलाई को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मनी लॉड्रिंग मामले में गिरफ्तार किसी भी व्यक्ति को दोषी बताने वाले दस्तावेज देना जरूरी। ताकि वह अपनी हिरासत को लेकर चुनौती दे सके। 

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