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ED: इस कंपनी के एमडी और निदेशक भगोड़ा घोषित; बैंकों को लगाया चूना, 123 करोड़ की संपत्ति जब्त करेगी ईडी
Wed, 11 Feb 2026 07:44 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 11 Feb 2026 07:44 PM IST
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ईडी की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विशेष न्यायालय (पीएमएलए/एफईओए), राउज एवेन्यू जिला न्यायालय ने करण ए चनाना (मेसर्स अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक) और अनीता डिंग (मेसर्स अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की पूर्णकालिक निदेशक) को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है। इसके साथ ही न्यायालय ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 (एफईओए) के तहत आरोपी व्यक्तियों/कंपनियों की 123.85 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है।
ईडी, गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने न्यायालय में करण ए चनाना और अनीता डिंग को एफईओए अधिनियम, 2018 के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए आवेदन दिया था। हाल ही में ईडी के अनुरोध पर इंटरपोल ने करण ए चनाना के खिलाफ विश्व भर में उनकी संपत्ति का पता लगाने और उसे फ्रीज करने के लिए सिल्वर नोटिस जारी किया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (बीएस एंड एफबी), द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने उक्त मामले की जांच शुरू की थी।
एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि मेसर्स अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपने निदेशकों/प्रवर्तकों/कर्मचारियोंऔर अन्य के माध्यम से धन की हेराफेरी, आपराधिक विश्वासघात व धोखाधड़ी के जरिए कैनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह को लगभग 1201.85 करोड़ रुपये का अनुचित नुकसान पहुंचाया है। अमीरा फूड्स समूह ब्रांडेड पैकेटबंद खाद्य पदार्थों, विशेष रूप से भारतीय बासमती चावल के निर्माण और बिक्री के व्यवसाय में था।
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ईडी की जांच में पता चला कि अमीरा फूड्स ग्रुप ने कैनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह से लगभग 1201.85 करोड़ रुपये के भारी बैंक ऋण/नकद ऋण लिए थे। इसके बाद 2017 में यह निष्पादित (एनपीए) हो गया। ईडी ने धन शोधन के अपराध में शामिल आरोपियों और कंपनियों की पहचान कर ली है। जांच में यह भी पता चला है कि मेसर्स अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रमोटरों/शेयरधारकों/निदेशकों ने धन शोधन का अपराध किया है।
इस मामले में 21 व्यक्तियों/कंपनियों/संस्थाओं के खिलाफ अभियोग शिकायत दर्ज की गई है। इसके अलावा, ईडी की जांच में अपराध की आय के रूप में संपत्ति/परिसंपत्तियों की पहचान की गई है। इस मामले में अब तक की गई कुल कुर्की की राशि 131.51 करोड़ रुपये है, जिसकी न्याय निर्णायक प्राधिकरण द्वारा विधिवत पुष्टि की गई है।
एफईओए के तहत ईडी की जांच में पता चला है कि करण ए. चनाना और अनीता डिंग भारत छोड़कर जा चुके हैं। यह भी पुष्टि हो गई है कि वे क्रमशः यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे हैं। आरोपी आपराधिक अभियोजन से बचने के लिए भारतीय न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहकर कानून की प्रक्रिया से बच रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट और लुक-आउट सर्कुलर जारी किए गए हैं। करण ए. चनाना और उनके परिवार के सदस्यों की विदेशी संपत्तियों सहित अन्य संपत्तियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
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ईडी, गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने न्यायालय में करण ए चनाना और अनीता डिंग को एफईओए अधिनियम, 2018 के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए आवेदन दिया था। हाल ही में ईडी के अनुरोध पर इंटरपोल ने करण ए चनाना के खिलाफ विश्व भर में उनकी संपत्ति का पता लगाने और उसे फ्रीज करने के लिए सिल्वर नोटिस जारी किया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (बीएस एंड एफबी), द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने उक्त मामले की जांच शुरू की थी।
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एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि मेसर्स अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपने निदेशकों/प्रवर्तकों/कर्मचारियोंऔर अन्य के माध्यम से धन की हेराफेरी, आपराधिक विश्वासघात व धोखाधड़ी के जरिए कैनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह को लगभग 1201.85 करोड़ रुपये का अनुचित नुकसान पहुंचाया है। अमीरा फूड्स समूह ब्रांडेड पैकेटबंद खाद्य पदार्थों, विशेष रूप से भारतीय बासमती चावल के निर्माण और बिक्री के व्यवसाय में था।
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ईडी की जांच में पता चला कि अमीरा फूड्स ग्रुप ने कैनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह से लगभग 1201.85 करोड़ रुपये के भारी बैंक ऋण/नकद ऋण लिए थे। इसके बाद 2017 में यह निष्पादित (एनपीए) हो गया। ईडी ने धन शोधन के अपराध में शामिल आरोपियों और कंपनियों की पहचान कर ली है। जांच में यह भी पता चला है कि मेसर्स अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रमोटरों/शेयरधारकों/निदेशकों ने धन शोधन का अपराध किया है।
इस मामले में 21 व्यक्तियों/कंपनियों/संस्थाओं के खिलाफ अभियोग शिकायत दर्ज की गई है। इसके अलावा, ईडी की जांच में अपराध की आय के रूप में संपत्ति/परिसंपत्तियों की पहचान की गई है। इस मामले में अब तक की गई कुल कुर्की की राशि 131.51 करोड़ रुपये है, जिसकी न्याय निर्णायक प्राधिकरण द्वारा विधिवत पुष्टि की गई है।
एफईओए के तहत ईडी की जांच में पता चला है कि करण ए. चनाना और अनीता डिंग भारत छोड़कर जा चुके हैं। यह भी पुष्टि हो गई है कि वे क्रमशः यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे हैं। आरोपी आपराधिक अभियोजन से बचने के लिए भारतीय न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहकर कानून की प्रक्रिया से बच रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट और लुक-आउट सर्कुलर जारी किए गए हैं। करण ए. चनाना और उनके परिवार के सदस्यों की विदेशी संपत्तियों सहित अन्य संपत्तियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।