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ED: एक्सिस म्यूचुअल फंड मैनेजर ने उठाया ट्रेंड की गोपनीय जानकारी का फायदा, कमाई 200 करोड़ रुपये की अवैध आय
Sun, 03 Aug 2025 06:22 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 03 Aug 2025 06:22 PM IST
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एक्सिस म्यूचुअल फंड
- फोटो : X/ एक्सिस म्यूचुअल फंड
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुख्यालय कार्यालय, नई दिल्ली ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम, लुधियाना, अहमदाबाद, भावनगर, भुज और कोलकाता में कई स्थानों पर छापेमारी की है। यह छापेमारी का अभियान एक और दो अगस्त को चलाया गया है। यह अभियान 2018 से 2021 की अवधि के दौरान एक्सिस म्यूचुअल फंड द्वारा कारोबार किए गए स्क्रिप्स में फ्रंट-रनिंग ट्रेड गतिविधियों में लिप्त होकर कुछ संस्थाओं/व्यक्तियों द्वारा अर्जित अवैध मुनाफे की चल रही जांच का हिस्सा है। एक्सिस म्यूचुअल फंड मैनेजर ने ट्रेंड की गोपनीय जानकारी का फायदा उठाया। ईडी के अनुसार, इस मामले में 200 करोड़ रुपये की अपराध की आय, सामने आई है।
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ईडी ने दिसंबर 2024 में मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर उक्त केस की जांच शुरू की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि एक्सिस म्यूचुअल फंड के तत्कालीन फंड मैनेजर, आरोपी वीरेश गंगाराम जोशी ने एक्सिस म्यूचुअल फंड की ओर से निष्पादित किए जाने वाले ट्रेडों की गोपनीय जानकारी का फायदा उठाया। आरोपी ने विभिन्न ब्रोकरों से प्राप्त म्यूल ट्रेडिंग खातों के माध्यम से फ्रंट रनिंग ट्रेड ऑर्डर पंच करने के लिए दुबई स्थित एक टर्मिनल का उपयोग किया था।
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आरोपी वीरेश जोशी के अलावा, जांच से यह भी पता चला है कि कई अन्य ट्रेडर्स/ब्रोकरों ने भी एक्सिस म्यूचुअल फंड ट्रेड्स पर अग्रिम इनपुट का दुरुपयोग किया था। वे लोग अवैध ट्रेड लाभ अर्जित करने के लिए फ्रंट रनिंग में लिप्त थे, जो कि अपराध की आय (पीओसी) के अलावा और कुछ नहीं है। ईडी द्वारा अब तक पहचाने गए विभिन्न ट्रेडर्स/ब्रोकरों द्वारा उत्पन्न पीओसी 200 करोड़ रुपये से अधिक है। जांच में मिल रहे इनपुट से पता लगता है कि अपराध की आय, इससे कहीं अधिक हो सकती है। धोखाधड़ी की आय कई फर्जी संस्थाओं और आरोपी व्यक्तियों/संस्थाओं और उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाले बैंक खातों के माध्यम से भेजी गई थी। ईडी द्वारा ऐसे खातों की जांच की जा रही है।
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फ्रंट-रनिंग प्रतिभूति बाजार में एक अनैतिक और अवैध प्रथा है, जहां ब्रोकर या ट्रेडर लंबित क्लाइंट ऑर्डर की अग्रिम जानकारी का उपयोग करके अपने लाभ के लिए ऑर्डर निष्पादित करते हैं। यह कदाचार बाजार की अखंडता से समझौता करता है और अन्य निवेशकों को नुकसान पहुंचाता है। तलाशी अभियान के दौरान, ईडी ने शेयरों, म्यूचुअल फंडों और बैंक बैलेंस के रूप में 17.4 करोड़ रुपये मूल्य की पीओसी ज़ब्त कर ली है। घोटाले के मास्टरमाइंड और एक्सिस म्यूचुअल फंड के तत्कालीन मुख्य डीलर वीरेश गंगाराम जोशी को पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत दो अगस्त को गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। आगे की जांच के लिए आरोपी को 8 अगस्त तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है।