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कोयला घोटाला में ईडी ने 117 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की, कंपनी ने शेयर बाजार को दी थी गलत सूचना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 05 Dec 2018 04:43 AM IST
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले से जुड़े मनीलॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच के संदर्भ में एक कंपनी की 117 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। ईडी ने मंगलवार को कहा कि मनीलॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत प्रकाश इंडस्ट्रीज लि. के खिलाफ संपत्ति की अटैच करने संबंधी अस्थायी आदेश जारी किया गया है।
जांच एजेंसी के बयान के अनुसार कंपनी ने 17 नवंबर 2007 को बॉम्बे शेयर बाजार को गलत सूचना दी। उसमें उसे कोयला ब्लाक आवंटन की सूचना दी जबकि यह कोयला ब्लाक वास्तव में फरवरी 2008 में आवंटित किया गया। साथ ही इसे संयुक्त रूप से मेसर्स प्रकाश इंडस्ट्रीज लि. और मेसर्स एसकेएस इस्पात पावर लि. को आवंटित किया गया था। इस गलत सूचना के परिणामस्वरूप प्रकाश इंडस्ट्रीज के शेयर में उल्लेखनीय उछाल आया।
ईडी ने आरोप लगाया कि शेयर मूल्य में कृत्रिम रूप से तेजी को भुनाने के लिए कंपनी ने 62,50,000 तरजीही शेयर प्रीमियम भाव 180 रुपये पर पांच चुनिंदा कंपनियों को दिए। इससे कंपनी को शेयर पूंजी के रूप में 118.75 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
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जांच एजेंसी के अनुसार कंपनी को यह राशि गलत नेटवर्थ की जानकारी और बीएसई को गलत सूचना के आधार पर प्राप्त हुई। इस प्रकार, यह अपराध की कमाई है जिसे अस्थायी तौर पर पीएमएलए के तहत अटैच किया गया है। ईडी के अनुसार चल और अचल संपत्ति के रूप में 117.09 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क की गई।
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जांच एजेंसी के बयान के अनुसार कंपनी ने 17 नवंबर 2007 को बॉम्बे शेयर बाजार को गलत सूचना दी। उसमें उसे कोयला ब्लाक आवंटन की सूचना दी जबकि यह कोयला ब्लाक वास्तव में फरवरी 2008 में आवंटित किया गया। साथ ही इसे संयुक्त रूप से मेसर्स प्रकाश इंडस्ट्रीज लि. और मेसर्स एसकेएस इस्पात पावर लि. को आवंटित किया गया था। इस गलत सूचना के परिणामस्वरूप प्रकाश इंडस्ट्रीज के शेयर में उल्लेखनीय उछाल आया।
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ईडी ने आरोप लगाया कि शेयर मूल्य में कृत्रिम रूप से तेजी को भुनाने के लिए कंपनी ने 62,50,000 तरजीही शेयर प्रीमियम भाव 180 रुपये पर पांच चुनिंदा कंपनियों को दिए। इससे कंपनी को शेयर पूंजी के रूप में 118.75 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
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जांच एजेंसी के अनुसार कंपनी को यह राशि गलत नेटवर्थ की जानकारी और बीएसई को गलत सूचना के आधार पर प्राप्त हुई। इस प्रकार, यह अपराध की कमाई है जिसे अस्थायी तौर पर पीएमएलए के तहत अटैच किया गया है। ईडी के अनुसार चल और अचल संपत्ति के रूप में 117.09 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क की गई।