फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ED attaches assets of former APSC board member Defence Accounts Service officer arrested in bribery case

Action: APSC बोर्ड के पूर्व सदस्य की 4.90 करोड़ की संपत्ति अटैच, 10 लाख की रिश्वत मामले में अधिकारी गिरफ्तार

Thu, 29 Dec 2022 10:29 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Thu, 29 Dec 2022 10:29 PM IST
सार

ईडी ने बताया कि एपीएससी बोर्ड के पूर्व सदस्य डॉ. समेदुर रहमान और उनके परिजनों की 1.52 करोड़ रुपये की अचल और 3.38 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां अटैच की गई है। पैसे लेकर उम्मीदवारों की अवैध भर्ती के मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में यह कार्रवाई की गई।

विज्ञापन
ED attaches assets of former APSC board member Defence Accounts Service officer arrested in bribery case
सीबीआई और ईडी - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में असम लोक सेवा आयोग (APSC) के एक पूर्व बोर्ड सदस्य की 4.90 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि एपीएससी बोर्ड के पूर्व सदस्य डॉ. समेदुर रहमान और उनके परिजनों की 1.52 करोड़ रुपये की अचल और 3.38 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां जिनमें बीमा पॉलिसियों और म्यूचुअल फंड शामिल हैं। पैसे लेकर उम्मीदवारों की अवैध भर्ती के मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में यह कार्रवाई की गई। 

विज्ञापन


ईडी ने तत्कालीन एपीएससी चेयरमैन राकेश कुमार पॉल, डॉ समेदुर रहमान और अन्य के खिलाफ असम पुलिस की विभिन्न एफआईआर व आरोपपत्रों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत जांच शुरू की है। आरोप है कि इन लोगों ने एपीएससी की आयोजित परीक्षा के माध्यम से सर्किल ऑफिसर, सहायक पलिस आयुक्त आदि जैसे पदों पर उम्मीदवारों की अवैध भर्ती की थी। 
विज्ञापन


जांच में पाया गया कि मामले के मुख्य अभियुक्तों में से एक असम लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष राकेश कुमार पॉल ने समेदुर रहमान समेत अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर, 2013 और 2014 की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर किया था। इन लोगों ने नकद पैसे लेकर कुछ उम्मीदवारों के अंक बढ़ाने के लिए मूल उत्तर पुस्तिकाओं को जाली उत्तर पुस्तिकाओं से बदल दिया। इस तरह इन उम्मीदवारों को नौकरी हासिल करने में अनुचित लाभ मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच में पाया गया कि इस मामले में आरोपियों ने 6.18 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अर्जित की थी। ईडी की जांच में पता चला कि समेदुर रहमान और उनके परिवार के सदस्यों के खातों में एपीएससी के बोर्ड सदस्य के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी जमा की गई थी। इसके बाद, इस राशि को विभिन्न बीमा पॉलिसियों, म्युचुअल फंड और आवासीय भूखंडों में निवेश किया गया।

पीएमपीपीएल के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
एक अन्य मामले में ईडी ने गुरुवार को प्योर मिल्क प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (पीएमपीपीएल) और उसके निदेशक चरणजीत सिंह बजाज, लिवतार बजाज तथा गुरदीप कौर से जुड़े 11 स्थानों पर तलाशी ली। इनके खिलाफ एक कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है।

केंद्रीय जांच एजेंसी  ने कहा कि उसने व्यवसायियों के परिसरों पर छापेमारी के बाद 1.15 करोड़ रुपये नकद, मोबाइल फोन और संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए। एजेंसी ने कहा कि आईपीसी अधिनियम, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सीबीआई ने पीएमपीपीएल कंपनी के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसके बाद यह छापेमारी की गई। एजेंसी के मुताबिक, सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि पीएमपीपीएल ने जालसाजी, धोखाधड़ी और जाली दस्तावेजों के जरिए 60.74 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी की थी।


रिश्वत मामले में रक्षा लेखा सेवा का अधिकारी गिरफ्तार
सीबीआई ने 10 लाख रुपये की कथित रिश्वत के मामले में भारतीय रक्षा लेखा सेवा के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी गुरुवार को दी। आरोप है कि हरियाणा के जींद स्थित एक कंपनी ने 1988 बैच के अधिकारी से अनुचित लाभ लेने के लिए एक बिचौलिए को पैसा हस्तांतरित किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed