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West Bengal: शाह बोले- अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर BSF का सहयोग करें राज्य सरकारें, बंगाल के तर्क को किया खारिज
Sat, 17 Dec 2022 11:01 PM IST
अभिषेक दीक्षित
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 17 Dec 2022 11:01 PM IST
सार
पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक के बाद शाह ने ममता के साथ अलग से भी बैठक की। ममता के आमंत्रण पर शाह राज्य सचिवालय के 14वें तले पर स्थित मुख्यमंत्री के चेंबर में पहुंचे और बंद कमरे में दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक बैठक चली।
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Amit Shah
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे राज्य सरकारों से आह्वान किया कि सरकारें सीमा सुरक्षा बलों (बीएसएफ) का सहयोग करें, ताकि वे आधिक सक्रिय होकर काम कर सकें। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि अपराधों की जांच के लिए बीएसएफ के साथ सीमा वाले राज्यों की भी ही जिम्मेदारी समान है। कोलकाता में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। राज्य सचिवालय नवान्न के सूत्रों के मुताबिक, शाह ने बंगाल सरकार के इस तर्क को मानने से साफ इनकार कर दिया कि बीएसएफ की लापरवाही के कारण अवैध घुसपैठ और तस्करी जैसे अपराध हो रहे हैं।
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उन्होंने आह्वान किया कि बीएसएफ के साथ राज्य सहयोग करें ताकि वह और अधिक सक्रिय हो सकें। बैठक में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अलावा झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने हिस्सा लिया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक बैठक में शामिल नहीं हुए। ओडिशा से दो मंत्री और बिहार के वित्त मंत्री विजय चौधरी ने भाग लिया। बैठक में केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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करीब ढ़ाई घंटे चली बैठक में भारत- बांग्लादेश सीमा व अंतरराज्यीय सीमाओं पर सुरक्षा, तस्करी, घुसपैठ, समेत संबंधित राज्यों के हितों व समस्याओं एवं यातायात जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। गृह मंत्री ने कहा, केंद्र सरकार आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच एक सहज समन्वय पर जोर दिया।
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शाह-ममता ने की अलग से बैठक
पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक के बाद शाह ने ममता के साथ अलग से भी बैठक की। ममता के आमंत्रण पर शाह राज्य सचिवालय के 14वें तले पर स्थित मुख्यमंत्री के चेंबर में पहुंचे और बंद कमरे में दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक बैठक चली। बैठक में किन मुद्दो पर बातचीत हुई यह तो खुलाना नहीं हो सका, लेकिन सूत्रों के अनुसार, इस दौरान राज्य- केंद्र संबंधों में सुधार और समन्वय बढ़ाने पर जोर देने के साथ प्रशासनिक मुद्दों पर दोनों में चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि ममता ने केंद्र के पास बकाया पैसे का भी मुद्दा उठाया। दोनों के बीच हुई बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।
ममता व बीएसएफ अधिकारियों के बीच हुई नोंकझोंक
सूत्रों के मुताबिक ममता ने गृह मंत्री के सामने बीएसएफ की कार्यशैली पर सवाल उठाया कहा कि बीएसएफ कुछ जगह पर काफी सक्रिय है जबकि कहीं पूरी तरह निष्क्रिय है। बीएसएफ राज्य प्रशासन के कामकाज में भी दखल देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने बीएसएफ का सहयोग नहीं करने और इस कारण ग्रामीणों को परेशानी होने का मुद्दा उठाया। इस कारण समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। सूत्रों की मानें तो इन मुद्दों पर ममता और बीएसएफ अधिकारियों में थोड़ी बहस (नोंकझोंक) भी हुई। बैठक में बीएसएफ के महानिदेशक (डीजी) पंकज कुमार सिंह भी मौजूद थे। इससे पहले ममता ने बीएसएफ के दायरे को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने का विरोध किया था।
रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण का भी उठा मुद्दा
बताया जा रहा है कि रेलवे बोर्ड के सदस्य (कार्य) बृजेश कुमार ने बैठक में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण मुद्दा भी उठा। उन्होंने रेलवे की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए संबंधित राज्य सरकारों से सहयोग मांगा। सूत्रों के मुताबिक जब शाह ने राज्य सरकार से इस पर कार्रवाई करने पर जोर दिया तो बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना उचित मुआवजे और पुनर्वास के बिना संभव नहीं होगा। बैठक के दौरान ममता ने गृह मंत्री को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा।
शाह ने किया पौधरोपण
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिलॉन्ग के राजभवन में पौधारोपण किया। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने उनका स्वागत किया। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद थे।