DUSU Election Results: डूसू चुनाव में एबीवीपी की बंपर जीत से भगवा खेमे में उत्साह, युवाओं का रुझान किसकी तरफ?
नेपाल के जेन जी आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद नए सिरे से चर्चा में आया ये वर्ग अब निर्णायक फैसले में भूमिका निभा रहा है। युवाओं का जो आयुवर्ग आंदोलन कर रहा है, वही विश्वविद्यालयों में पढ़ाई और छात्रसंघ की राजनीति से भी जुड़ा है। ऐसे में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2025 के नतीजों को दिलचस्प माना जा रहा है। पढ़िए यह रिपोर्ट
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विस्तार
जेन जी यानी युवाओं की बड़ी तादाद इस समय भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। श्रीलंका, बांग्लादेश से लेकर नेपाल तक में बड़े विरोध प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन का कारण माना जा रहा है। अमेरिका से लेकर यूरोपीय देशों में भी जेन जी ने अपने विरोध से सत्ता प्रतिष्ठानों को हिला दिया है। ऐसे में स्वाभाविक तौर पर यह चर्चा होने लगी है कि भारत का जेन जी किसके साथ है? यह भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है, या टी शर्ट और ट्राउजर पहनकर भारत में एक नए तरह की राजनीति करने वाले राहुल गांधी इसकी पहली पसंद हैं? क्या भारत में भी नेपाल जैसे किसी विद्रोह की कोई संभावना है? यह प्रश्न इस अर्थ में महत्त्वपूर्ण है कि भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर यही आरोप लगाया है कि वे भारत में भी नेपाल जैसी परिस्थिति पैदा करना चाहते हैं।
गुरुवार को ही राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर वोट चोरी करने वालों को बचाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में अप्रत्याशित ढंग से लोगों की जानकारी के बिना ऑनलाइन तरीके से कहीं वोट डिलीट कर दिए गए तो कहीं वोटों की संख्या बढ़ा दी गई। उन्होंने उसी दिन देर शाम एक ट्वीट किया कि भारत में जेन जी संविधान और लोकतंत्र को बचांगे। वे उसके साथ खड़े हैं।
राहुल गांधी के आरोपों पर बिफरी भाजपा ने कहा कि वे देश में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश में नेपाल जैसी परिस्थितियां पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार की चुनावी हार से बौखला चुके राहुल गांधी अब सत्ता हासिल करने के लिए देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत में युवाओं की स्थिति मजबूत
आर्थिक मामलों के जानकार और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने अमर उजाला से कहा कि दुनिया के जिन देशों में युवाओं में असंतोष भड़का है, उसका सबसे बड़ा कारण भ्रष्टाचार था। आरोप है कि इन देशों की सरकारों ने ज्यादा टैक्स लगाकर जनता का शोषण किया, जनता परेशान होती रही, जबकि परिवारवादी राजनेताओं ने अपने लिए पैसा और सुख सुविधाएं बटोरीं। इन देशों में खराब अर्थव्यवस्था का होना और युवाओं को नौकरी न मिलना भी उनके असंतोष का एक बड़ा कारण था।
गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि, लेकिन भारत में स्थितियां बिल्कुल उलट हैं। भारत की अर्थव्यवस्था पूरी दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है। देश जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर आगे बढ़ रहा है। इस समय देश में बेरोजगारी सबसे निचले स्तर पर है, जबकि हमारे युवाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कंपनियां लाखों-करोड़ों रूपये के पैकेज दे रही हैं।
'देश का विकास, टैक्स दरें लगातार हो रहीं कम'
जिन देशों में युवाओं में असंतोष भड़का, वहां की सरकारों ने अधिक टैक्स लगा दिया जिससे जनता परेशान हुई, लेकिन इसके उलट भारत में सरकार लगातार टैक्स में कमी कर रही है। अब आठ लाख रूपये तक कोई कर नहीं देना पड़ता। व्यावहारिक तौर पर कई योजनाओं में मिलने वाली छूट का लाभ लेने पर 12 लाख रूपये प्रतिवर्ष कमाने वाले लोगों को अब शून्य कर देना पड़ता है। सरकार ने जीएसटी सुधार कर टैक्स दरों में भारी कटौती की है।
भारत में निर्माण सेक्टर सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा है। सड़क, हाईवे और रेल-मेट्रो नेटवर्क में लगातार विस्तार हो रहा है। देश का हवाई सेक्टर तेजी से दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों में पहुंच रहा है। नोएडा-गुरुग्राम जैसे शहरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियां अपना निवेश कर रही हैं जिससे देश में लगातार नौकरियां बढ़ रही हैं। देश में कारों, एसी की लगातार बढ़ती खपत बता रही है कि लोगों की खरीद क्षमता तेजी से बढ़ रही है।
'युवाओं की नब्ज नहीं समझ रही कांग्रेस'
अग्रवाल के अनुसार, राहुल गांधी और कांग्रेस देश के युवाओं की नब्ज नहीं समझ रहे हैं, इसी कारण अनर्गल बयान दे रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि हर चुनाव में सबसे उत्साह से वोट देने वाला वर्ग युवाओं का ही होता है जो तीन बार से लगातार नरेंद्र मोदी को अपना प्रधानमंत्री बना रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों में युवा लगातार भाजपा की सरकार बनाने में अपना सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को युवाओं की नब्ज समझने की कोशिश करनी चाहिए और देश को कमजोर करने वाले अनर्गल बयानों से बचना चाहिए।
GEN Z ने राहुल गांधी को नकारा- शहजाद पूनावाला
19 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनावों के परिणाम आए हैं। इसमें भाजपा समर्थित छात्र संगठन एबीवीपी ने अध्यक्ष सहित तीन पदों पर बड़ी जीत हासिल की है। संगठन ने इसे युवाओं के बीच भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा है कि भारत के जेन जेड ने राहुल गांधी को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि डूसू चुनावों में एबीवीपी की बंपर जीत ने यह बता दिया है कि भारत का युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है, राहुल गांधी के साथ नहीं। उन्होंने कहा कि अब राहुल गांधी को 'वोट चोरी' जैसी बात नहीं करनी चाहिए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उम्मीदवार बड़े अंतर से जीते
एबीवीपी के आर्यन मान को डूसू चुनाव में 26,642 वोट मिले हैं, जबकि दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के जोसलीन चौधरी को 10,814 वोट मिले हैं। यानी एबीवीपी उम्मीदवार को लगभग 16 हजार वोटों की बढ़त हासिल हुई है जो एनएसयूआई उम्मीदवार को मिले वोटों के लगभग ढाई गुने के बराबर है। इसी तरह सचिव पद पर एबीवीपी के उम्मीदवार ने एनएसयूआई उम्मीदवार को लगभग सात हजार वोटों के अंतर से और ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर लगभग चार हजार वोटों के अंतर से हराया।
भाजपा नेता ने कहा कि यह युवाओं के बीच भाजपा और कांग्रेस की विचारधारा की लोकप्रियता का अंतर है। इसी से समझ लेना चाहिए कि भारत का जेन जी किसके साथ है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी कहा है कि यह केवल एक चुनावी जीत नहीं है, बल्कि ABVP की राष्ट्रवादी विचारधारा की जीत है। उन्होंने कहा कि यह युवा भारत की आवाज़ है जो ऊर्जा, विश्वास और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य को आकार देने की प्रतिबद्धता से भरी हुई है।