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Maharashtra: शिवसेना शिवाजी पार्क में नहीं करेगी दशहरा रैली का आयोजन, सीएम शिंदे ने दी नए स्थल की जानकारी
Wed, 11 Oct 2023 12:33 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Wed, 11 Oct 2023 12:33 AM IST
सार
रैली का आयोजन महत्वपूर्ण है, क्योंकि शिवसेना अब दो गुटों में विभाजित हो गई है और कोविड-19 महामारी के कारण 2020 और 2021 में रैली आयोजित नहीं की गई थी। पिछले साल, एकनाथ शिंदे ने महा विकास अघाड़ी सरकार के खिलाफ शिवसेना विधायकों के एक समूह का नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप एमवीए ने राज्य में अपना बहुमत खो दिया।
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एकनाथ शिंदे
- फोटो : Social Media
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विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी, शिवसेना ( एकनाथ शिंदे), शिवाजी पार्क के बजाय क्रॉस मैदान में वार्षिक दशहरा रैली का आयोजन करेगी।
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शिंदे ने मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस साल दशहरा रैली क्रॉस मैदान और आजाद मैदान में होगी, क्योंकि बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में एमएमआरडीए मैदान बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए दिया गया है।
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पिछले साल शिवसेना (शिंदे समूह) और शिवसेना (यूबीटी) के बीच शिवाजी पार्क में वार्षिक दशहरा रैली के आयोजन को लेकर ठन गई थी, जहां पार्टी 1966 से रैली आयोजित करती आ रही है, जो उन दोनों के लिए इस स्थान के महत्व को दर्शाता है।
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पिछले वर्ष हुआ था तनाव
हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शिवसेना के पक्ष में फैसला सुनाया था और उद्धव ठाकरे गुट को शिवाजी पार्क में दशहरा रैली आयोजित करने की अनुमति दी थी। ऐसा तब हुआ जब बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने स्थानीय पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर दो गुटों को रैली आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि इस घटना से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है।
क्यों महत्वपूर्ण है रैली का आयोजन
यह आयोजन महत्वपूर्ण है क्योंकि शिवसेना अब रैली दो गुटों में विभाजित हो गई है और कोविड-19 महामारी के कारण 2020 और 2021 में रैली आयोजित नहीं की गई थी।
पिछले साल, एकनाथ शिंदे ने महा विकास अघाड़ी सरकार के खिलाफ शिवसेना विधायकों के एक समूह का नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप एमवीए ने राज्य में अपना बहुमत खो दिया। इसके चलते फ्लोर टेस्ट से पहले ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा।
महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली नई सरकार ने 164-99 के अंतर से फ्लोर टेस्ट जीता, जिससे उनकी सरकार का बहुमत साबित हुआ और राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में उनकी स्थिति मजबूत हो गई। शिंदे के पक्ष में 164 वोट पड़े, जबकि नवगठित भाजपा-शिंदे खेमे के गठबंधन के खिलाफ 99 वोट पड़े।